UP News: भूजल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन पर मंथन, राज्य स्वच्छ गंगा मिशन की संगोष्ठी में जल बचाने का आह्वान

0
0

UP News: उत्तर प्रदेश में जल संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन को लेकर राज्य स्वच्छ गंगा मिशन ने रविवार को “भूजल संरक्षण एवं नदी पुनरुद्धार” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना, भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देना और नदी संरक्षण के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श करना था।

जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान

संगोष्ठी का उद्घाटन जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने किया। इस अवसर पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर सिंह, भूगर्भ जल विभाग के निदेशक राजेश प्रजापति तथा जल संरक्षण विशेषज्ञ एवं आईआईटी कानपुर के पूर्व प्रोफेसर डॉ. विनोद तारे सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनआंदोलन का रूप देना आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने स्तर पर जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।

‘गंगा ज्ञान चक्र’ और सांस्कृतिक प्रस्तुति बनी आकर्षण

कार्यक्रम के दौरान गंगा अवतरण पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य-नाटिका का मंचन किया गया। साथ ही राज्य स्वच्छ गंगा मिशन की गतिविधियों पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी हुआ। इस अवसर पर “गंगा ज्ञान चक्र” पहल का परिचय और प्रस्तुतीकरण भी किया गया, जिसका उद्देश्य गंगा और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

‘भागीरथ सम्मान’ से सम्मानित हुए जल योद्धा

जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को “भागीरथ सम्मान” से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण को प्राथमिकता दिए बिना भविष्य की जल चुनौतियों से नहीं निपटा जा सकता।

विशेषज्ञों ने भूजल स्तर में लगातार गिरावट, नदियों के संरक्षण और जल संसाधनों के सतत प्रबंधन पर जोर देते हुए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी को अनिवार्य बताया।

सुझावों को बनाया जाएगा भविष्य की कार्ययोजना का हिस्सा

कार्यक्रम के समापन सत्र में विभिन्न विशेषज्ञों और प्रतिभागियों से प्राप्त सुझावों पर विस्तृत चर्चा हुई। राज्य स्वच्छ गंगा मिशन ने संकेत दिया कि संगोष्ठी से निकले उपयोगी सुझावों और सिफारिशों को भविष्य की कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा, ताकि जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सके।