Personality: बदलते दौर में हर आयुवर्ग में काम का बोझ बढ़ा है। इसका असर उनकी पर्सनेलिटी पर भी पड़ रहा है।खासतौर बात अगर बच्चों की करें तो ये समस्या और भी बिगड़ रही है। छोटी उम्र में ही बच्चे अवसाद और कमजोर याददाश्त के शिकार हो रहे हैं। जिसका असर उनके बौद्धिक विकास और कार्यक्षमता पर पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि याददाश्त का स्तर भी हर बच्चे में अलग होता है।मसलन कोई बच्चा किसी चीज को देखते ही दिमाग में बैठा लेता है, वहीं कोई कई बार एक चीज देखने के बाद भी उसे याद नहीं कर पाता।ऐसे में उनकी जीवनशैली में थोड़ा सा बदलाव लाकर हम उनकी याददाश्त और प्रतिभा निखार सकते हैं।
न्यूरो विशेषज्ञों के अनुसार इंसान की याददाश्त दो भागों में बांटी जा सकती है।अल्पकालीन और दीर्घकालीन।जब बच्चा किसी चीज को देखते-देखते याद कर लेता है, इसी को अल्पकालीन याददाश्त कहते हैं। यही वजह है कि वह फौरन किए जाने वाले कार्य कर लेता है। जैसे टीचर की ओर से बोलने पर सुनना, स्मार्टबोर्ड पर लिखी बात नोट करना, टीवी कलाकार की नकल करना।वहीं दीर्घकालीन याददाश्त यानी लॉन्ग टर्म मेमोरी कहलाती है। जिसमें कभी कही गई बात और संकेत इंसान अपने आगे के जीवन में भी याद रखता है।स्मरण शक्ति बढ़ाने में आहार और शारीरिक सक्रियता की भूमिका अहम है।

Personality: जानिए कैसे बेहतर करें बच्चों की याददाश्त?
Personality: मनोविशेषज्ञों के अनुसार बच्चों को खेलकूद में भी सक्रिय होना बहुत जरूरी है। ये उनके शारीरिक और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाता है।खेलने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। ऑक्सीजन की आपूर्ति ज्यादा अच्छे तरीके से होती है।
इससे उनका दिमाग ज्यादा सतर्क और सचेत होकर काम करता है।ऐसे में चेस, माइंड गेम, सुडोकू, पहेलियां, स्क्रैबल्स, पजल्स, जंबल वर्ड आदि बेहतर खेल हैं।ये दिमागी कसरत करवाने के साथ ही मेमोरी शार्प करते हैं।
Personality: बच्चों को तनाव से दूर रखें

कोशिश कीजिये कि बच्चे अनावश्यक दबाव और तनाव से दूर रहें।उन्हें पढ़ने और खेलने का स्वस्थ्य का माहौल मिले। उन्हें खुशनुमा माहौल मिले, जरूरत से अधिक न डांटें।बच्चों को पढ़ाने के लिए कलरफुल बुक्स, विजुअल्स आदि दिखाएं, पढ़ाई के लिए टॉपिकवाइज कलरफुल कार्डस बनाएं और पढ़ाएं। इन्हें याद रखना बच्चों के लिए आसान हो जाता है।
Personality: बच्चों का भोजन हो बेहतर

बेहतर याददाश्त के लिए बेहद जरूरी है हेल्दी खुराक। डाइटीशियन डा.श्रद्धा चौहान के अनुसार ओमेगा 3 फैटी एसिड, एंटी ऑक्सीडेंट, मैग्नीशियम, पोटेशियम, विटामिन-बी-6, विटामिन-ई और फोलेट युक्त आहार दिमाग को तेज करते हैं।
बच्चों के आहार में अखरोट, सेब, गाजर, बादाम जैसी चीजों को जरूर शामिल करें।अधिक से अधिक पानी पिलाने की आदत डालें और कोल्ड ड्रिंक, डिब्बाबंद जूस आदि से परहेज करें।
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