Anti Oxidants के गुणों से भरपूर, गर्मी से राहत देने का फल है ‘Kafal’, जानिए इसके आयुर्वेदिक गुण

Kafal: हर पहाड़ी की जुबान पर पहाड़ में मिलने वाले इतने बढि़या फल का जिक्र जरूर होता है।दरअसल एंटीऑक्‍सीडेंट ऐसे पदार्थ होते हैं, जो शरीर को प्री रेडिकल्‍स के कारण होने वाले नुकसान से रोकते हैं।

0
62
Kafal: Herbal Banefits of Kafal
Kafal

Kafal: अपने खास एंटीऑक्‍सीडेंट गुणों की खान और गर्मी में शरीर का राहत देने वाला फल है काफल।काफल का फल अपने अंदर कई आयुर्वेदिक गुणों को भी समेटे हुए है। यही वजह है कि ये आज केवल उत्‍तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश में पहचाना जाने लगा है।हर पहाड़ी की जुबान पर पहाड़ में मिलने वाले इतने बढि़या फल का जिक्र जरूर होता है।दरअसल एंटीऑक्‍सीडेंट ऐसे पदार्थ होते हैं, जो शरीर को प्री रेडिकल्‍स के कारण होने वाले नुकसान से रोकते हैं।

प्राकृतिक रूप से ये फल और सब्जियों में भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।बीटा कैराटिन, विटामिन-ए और विटामिन-सी से युक्‍त खाद्य पदार्थ एंटीऑक्‍सीडेंटस के बेहतरीन स्‍तोत्र माने जाते हैं। ऐसे में इन्‍हें अपने भोजन में हर व्‍यक्ति आसानी से शामिल कर सकता है।यहां जानिए कुदरत की देन और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरे फल काफल के सेहतमंद फायदे।

Kafal: Himalaya ka khas Phal.
Kafal.

Kafal: यहां जानिए काफल के फायदे

Kafal 3
Kafal.

Kafal: औषधीय गुणों से भरा काफल का यह फल पाचक और रस से भरा होता है। जो शरीर को गर्मी से राहत देता है। मिरिका ऐस्‍कुलेटा काफल का वैज्ञानिक नाम है। पौष्टिकता और स्‍वाद से भरे इस फल में कैल्शियम, मैगनीशियम, प्रोटीन और पोटेशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यही वजह है कि पारंपरिक हिमालयी आयुर्वेदिक चिकित्‍सा में भी काफल का खूब इस्‍तेमाल किया जाता है।

जानकारी के अनुसार काफल के ऊपर की परत मोमयुक्‍त होती है। जिसे मोर्टिल मोम भी कहा जाता है।इसे गर्म पानी में उबालकर अलग किया जाता है। जिससे अल्‍सर की बीमारी में बेहद कारगर माना जाता है।

इतना ही नहीं दांत के दर्द में भी काफल की छाल का उपयोग ग्रामीण करते हैं। काफल के फूलों से बना तेल कान में दर्द के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। काफल का फल अच्छा पाचक यानी एपीटाइटर भी माना जाता है। इसे ह्रदय रोग और तनाव कम करने के लिए भी कारगर माना गया है।

आयुर्वेद के अनुसार नेत्र रोगों में भी काफल बेहद काम आता है। मसलन आंख में दर्द, रतौंधी, आंख लाल होना आदि। इन सब तरह के समस्याओं में काफल से बना घरेलू नुस्‍खा बहुत काम आता है। गोमूत्र, घी, समुद्रफेन, पीपल, मधु तथा काफल को सेंधानमक के साथ मिलाकर बांस की नली में संग्रह करके आंखों में काजल की तरह लगाने से आंखों की बीमारी से राहत मिलती है।

डिसक्लेमर- इस लेख में निहित जानकारी/सामग्री विभिन्न माध्यमों/ स्‍वास्‍थ्‍य रोग विशेषज्ञों से संग्रहित की गईं हैं।ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है।

संबंधित खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here