Health News: तेजी के साथ बदलती लाइफस्टाइल का असर हमारे शरीर पर भी पड़ा है। हमारे शरीर का मूल ढांचा यानी हडडी, जिनके सहारे पूरा इंसान जीवनभर काम करता है। हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर यही कमजोर रह गई तो हमारे उठने, बैठने से लेकर कई गतिविधियां रूक जाएंगी।
आमतौर पर हड्डियों का रोग वो स्थिति होती है। जिससे हमारे शरीर के स्केलेटन को नुकसान होता है, हड्डियां कमजोर होती हैं और आसानी से टूट सकती हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि कमजोर हड्डियां उम्र बढ़ने का एक स्वाभाविक हिस्सा नहीं हैं। हड्डियों का मजबूत होना बचपन में शुरू होता है, सभी उम्र के लोग अपने हड्डी के स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।

Health News: जानिए हड्डियों के रोग
लो बोन डेंसिटी और ऑस्टियोपोरोसिस- ये रोग आमतौर पर 40 वर्ष के बाद असर दिखाना शुरू करता है। जिसमें हड्डियां कमजोर होकर अपना स्थान छोड़ने लगतीं हैं जल्दी टूट जाती हैं। ये समस्या भारतीय महिलाओं में सबसे ज्यादा पाई जाती है।
ओस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा – इस रोग में बेहद कम उम्र से ही हड्डियां टूटना शुरू हो जाती हैं।
हड्डियों का कैंसर और संक्रमण- ये स्थिति तब उत्पन्न होती है जब हड्डियां कमजोर होने के साथ छूने पर बहुत दर्द करती हैं।हाथों और पांव में सूजन बनी रहती है यहीं से इस रोग की शुरुआत होती है। इसके अलावा अन्य हड्डियों के रोग भी होते हैं जो कुपोषण, जेनेटिक और हड्डी के विकास या पुनर्निर्माण की समस्याओं से जुड़े हैं।
Health News: ऑस्टियोपोरोसिस के साथ पेजेंट रोग भी करता है परेशान

ऑस्टियोपोरोसिस के शुरुआती दौर में कोई लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन धीरे-धीरे रोग का असर दिखना शुरू हो जाता है। मसलन पीठ में दर्द, समय के साथ ऊंचाई का कम होना, खराब पोस्चर, हड्डी का जल्दी टूटना। इसके साथ ही ज्यादातर लोग पेजेंटस डिजीज होने पर कोई लक्षण अनुभव नहीं करते हैं। इसके सबसे पहले लक्षणों में हड्डी में दर्द होना शामिल है। इसके कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। ये भी एक प्रकार का हड्डी रोग ही होता है।जिससे हड्डियों की डेफोर्मिटीज और फ्रैक्चर होना शामिल होता है। इसके शरीर के अन्य अंगों पर भी असर पड़ता है।
- पेल्विस- ये समस्या पेल्विस में होने के कारण कूल्हे में तेज दर्द होता है। इस दौरान उठने, बैठने और झुकने में काफी तकलीफ होती है
- खोपड़ी- खोपड़ी में हड्डियों के बढ़ने के कारण सिरदर्द या सुनने में परेशानी हो सकती है।
- रीढ़ की हड्डी-अगर इस रोग से आपकी रीढ़ की हड्डी प्रभावित हुई है तो इससे हाथ और पैर में दर्द, झुनझुनी और सुन्नता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- टांग- हड्डियों के कमजोर होने पर टांग टेढ़ी हो सकती है।
- इसके साथ ही विटामिन डी की कमी से भी हड्डियों को नुकसान पहुंचता है।
Health News: जानिए हड्डियों के रोग से बचने के उपाय
- कैल्शियम युक्त भोज्य पदार्थ जैसे दूध, पनीर, डेरी उत्पादों का सेवन करें
- विटामिन डी युक्त आहार जैसे अंडे, ऑयली फिश आदि खाएं
- हरी सब्जियां और फल
- साबुत अनाज
- मेवे
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