नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरों को अपने ही दो अधिकारियो को सस्पेंड करना पड़ा। संदेह जताया जा रहा है कि इन्होंने कॉमेडियन भारती सिंह, उनके पति हर्ष और दीपिका पादुकोण की मैनेजर करिश्मा को बेल दिलवाने में अहम रोल अदा किया है। साथ ही एनसीबी के वकील भी शक के घेरे में हैं।
पूरे केस को लेकर एनसीबीके वकील की जांच की जा रही है। खबर है कि, जब इन सितारों को लेकर कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, तब वकील पेश ही नहीं हो पाए थे जिसके कारण एनसीबी का पक्ष अधूरा रह गया। इन दोनों ही अफसरों पर विभागीय जांच का आदेश दिया गया है।

गौरतलब है कि, एनसीबी ने कॉमेडियन भारती सिंह के घर से करीब 86.5 ग्राम गांजा जप्त किया था। जिसके बाद भारती को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। जब भारती ने अदालत में बेल की गुहार लगाई तो उन्हें आसानी से जमानत मिल गई, क्योंकि एनसीबी का कोई अधिकारी या वकील कोर्ट में मौजूद ही नहीं था।
ऐसा ही फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की मैनेजर करिश्मा प्रकाश के साथ हुआ, जहां कुल 1.7 ग्राम हैश बरामद हुआ था। जब करिश्मा ने अग्रिम जमानत की अर्जी डाली, तब भी एनसीबी का कोई अधिकारी कोर्ट में नहीं था तो बेल मिल गई। अब एनसीबी की ओर से NDPS कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसमें भारती सिंह, हर्ष को मिली बेल को चैलेंज किया गया है।

मालूम पड़ता है कि, सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या केस को सुलझाते हुए एनसीबी ने ड्रग्स एंगल पर काम करना शुरू किया था। इस जाल में सबसे पहले सुशांत की कथित प्रेमिका रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया गया जिसके बाद बॉलीवुड के एक के बाद एक सितारों का नाम सूची में शामिल होता चला गया।