Mukhtar Ansari: उत्तर प्रदेश के मऊ की एक अदालत ने मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को जमानत दे दी है। MP/MLA कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को रिहा करने का आदेश दिया है। मालूम हो कि मुख्तार अंसारी 15 साल से जेल में हैं। पंजाब से उन्हें यूपी लाने के बाद बांदा जेल में रखा गया है। पिछले हफ्ते मुख्तार अंसारी के नामांकन के लिए अदालत से अनुमति भी मांगी गई थी। अदालत ने मुख्तार अंसारी के वकील और अन्य लोगों को जेल में जाकर नामांकन प्रक्रिया पूरी करने की इजाजत भी दे दी थी। हालांकि बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी मऊ से इस बार चुनाव नहीं लड़ेगे।
Mukhtar Ansari नहीं लड़ेंगे 2022 का यूपी विधानसभा चुनाव

Mukhtar Ansari की जगह उनके बेटे अब्बास इस सीट से चुनावी मैदान में उतरे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में आखिरी चरण के लिए सोमवार को मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने सुभासपा से मऊ सदर सीट के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया। सोमवार की दोपहर बाद प्रस्तावकों और वकीलों के साथ अब्बास अंसारी ने नामाकंन किया।

नामांकन के बाद अब्बास अंसारी ने मीडिया को बताया कि मऊ जिले से उनका लगाव है, अब यह उनकी कर्मभूमि है और जनता उनके साथ है। वहीं राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मुख्तार अंसारी ने राजनीतिक भविष्य को देखते हुए यह फैसला बहुत ही सोच समझकर लिया होगा। नामांकन के बाद मीडिया से अब्बास अंसारी ने कहा कि पिता और पुत्र में फर्क नहीं है।

बता दें कि मुख्तार अंसारी मऊ से पांच बार विधायक रहे हैं। साल 1996 में मुख्तार अंसारी पहली बार विधायक बने। 2007 में मुख्तार अंसारी बसपा में शामिल हो गए थे। 2016 में वे फिर से बसपा में शामिल हुए और 2017 का विधानसभा चुनाव पार्टी के टिकट पर लड़ा था।
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