Hamirpur Bridge Collapse: बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल दुर्घटना की जांच के लिए दो उच्चस्तरीय समितियां गठित, जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज

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Hamirpur Bridge Collapse: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु का एक हिस्सा गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद राज्य सरकार ने जांच और जवाबदेही की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दुर्घटना की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए दो अलग-अलग उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दो मोर्चों पर जांच, तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की होगी समीक्षा

जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के अनुसार जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) कर रहे हैं। समिति को दुर्घटना से जुड़े प्रशासनिक, प्रक्रियागत और सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है।

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने भी विशेषज्ञों की एक अलग तीन सदस्यीय तकनीकी समिति बनाई है। यह समिति पुल निर्माण की गुणवत्ता, डिजाइन, इंजीनियरिंग मानकों, निर्माण सामग्री और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की विस्तृत समीक्षा करेगी। जरूरत पड़ने पर निर्माण सामग्री के नमूनों की प्रयोगशाला जांच भी कराई जाएगी।

हादसे के बाद दर्ज हुआ मुकदमा

प्रशासन ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए थाना कुरारा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और जांच समितियों की रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति, एजेंसी या निर्माण कंपनी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता

दुर्घटना में जान गंवाने वाले छह श्रमिकों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से तत्काल चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की गई है। इसके अलावा निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनी मेसर्स शेल्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।

श्रम विभाग की योजनाओं के तहत भी पात्र परिवारों को 1.25 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से सहायता सुनिश्चित की जाएगी।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भी मिलेगा लाभ

प्रशासन प्रभावित परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी चला रहा है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि मृतक श्रमिक राजेश पाल की दो बेटियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत शामिल किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत दोनों बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त पात्र परिवारों को राशन कार्ड, आवास योजना, शौचालय और अन्य सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है।

हादसे ने खड़े किए बड़े सवाल

बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्पान गिरने की घटना ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं में तकनीकी निगरानी और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी है।

प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद घटना के वास्तविक कारणों को सार्वजनिक किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।