उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के लिए 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस परियोजना पर कुल 425.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे प्रदेश में यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और प्रदूषण रहित यात्रा का अनुभव मिल सकेगा।
425.50 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर कुल 425.50 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। इसमें 400 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि शेष 25.50 करोड़ रुपये की व्यवस्था उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अपने संसाधनों से करेगा।
इस फैसले के साथ ही प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है।
100 और 150 बसों के दो अलग मॉडल होंगे शामिल
कैबिनेट की मंजूरी के अनुसार, रोडवेज बेड़े में दो श्रेणियों की बसें शामिल की जाएंगी। इनमें 100 इलेक्ट्रिक बसें (12 मीटर, 3×2 टाइप-II, 50 सीट क्षमता) और 150 इलेक्ट्रिक बसें (12 मीटर, 2×2 टाइप-III, 41 सीट क्षमता) होंगी।
सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक तकनीक से लैस करना और यात्रियों को अधिक आरामदायक एवं सुरक्षित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है।
प्रदेश के उद्योगों को भी मिलेगा बढ़ावा
योगी सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों की खरीद में उत्तर प्रदेश के मैन्युफैक्चरर्स को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
NCR के पर्यावरणीय मानकों का होगा पालन
सरकार के इस फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लागू होने वाले नए पर्यावरणीय नियम भी हैं। 1 नवंबर 2026 से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुसार दिल्ली में केवल CNG, इलेक्ट्रिक और BS-6 श्रेणी के वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद से उत्तर प्रदेश रोडवेज इन मानकों का समय पर पालन कर सकेगा और दिल्ली-एनसीआर रूट पर बस संचालन बिना किसी बाधा के जारी रहेगा।
प्रदूषण घटाने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने पर जोर
सरकार का लक्ष्य इन इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, पर्यटन और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। इससे डीजल बसों पर निर्भरता कम होगी, वायु प्रदूषण में कमी आएगी और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार उत्तर प्रदेश में सतत परिवहन प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।









