Pakistan News: कहते हैं जन्मस्थली से बढ़कर कुछ नहीं, बड़े ही नसीबवाले होते हैं वे लोग जो अपनी जन्मभूमि पर ही जीते और मरते हैं। मगर उनका क्या जो किसी प्राकृतिक आपदा, युद्ध की स्थिति और आपातकाल में अपनी दहलीज और वतन छोड़कर चले जाते हैं। उनके जेहन में बस वहां की यादें ही रह जाती हैं।
ऐसा ही वाकया भारत में रहने वालीं 90 वर्षीय महिला रीना वर्मा के साथ भी देखने को मिला, जोकि पूरे 75 वर्ष के बाद पाकिस्तान के रावलपिंडी में अपने पुश्तैनी घर को देखने पहुंचीं। वाघा-अटारी सीमा के रास्ते वह लाहौर में दाखिल हुईं तो उसकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए।सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए वीडियो में उन्होंने बताया कि जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था, तब उनका परिवार रावलपिंडी के देवी कॉलेज रोड पर रहता था। आज उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि जहां उन्होंने पहली सांस ली थी, एक लंबे अर्से बाद वहां दोबारा आने का मौका मिला है।

Pakistan News: पूरी यात्रा के लिए की है तैयारी
90 वर्षीय बुजुर्ग महिला का पूरा नाम रीना छिब्बर वर्मा है। उनका सपना था कि देह त्यागने से पूर्व एक बार उन्हें अपनी पुश्तैनी दहलीज पर जाने का मौका मिले।भगवान ने उनकी सुन ली है। पाकिस्तान पहुंवने के फौरन बाद रीना अपने गृहनगर रावलपिंडी के लिए रवाना हो गईं। उन्होंने अपनी पूरी यात्रा के लिए प्लानिंग की है। इसके तहत पहले वे रावलपिंडी में अपने पैतृक निवास प्रेम निवास जाएंगी। उसके बाद अपने पुराने स्कूल जहां उन्होंने पढ़ाई की थी। उसके बाद बचपन के बचे दोस्तों से मिलने की कोशिश भी करेंगी।

Pakistan News: सोशल मीडिया में बताई अपनी कहानी
सोशल मीडिया पर अपलोड एक वीडियो में पुणे निवासी रीना वर्मा ने बताया है कि उनका परिवार रावलपिंडी के देवी कॉलेज रोड पर रहता था। उन्होंने मॉडर्न स्कूल में पढ़ाई की। उनके चार भाई-बहन भी उसी स्कूल में गए थे। मेरे बड़े भाई-बहनों के कई मुस्लिम दोस्त भी थे, जो अकसर हमारे घर आते थे। मेरे पिता खुले और आशावादी विचारों के इंसान थे।विभाजन से पहले हिंदू-मुस्लिम को कोई मुददा भी नहीं था।विभाजन गलत फैसला था, लेकिन अब ये हो चुका है। दोनों देशों को सभी के लिए वीजा प्रतिबंधों को कम करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
Pakistan News: विभाजन के दौरान 15 वर्ष की थीं रीना
भारत में पाक उच्चायोग ने भाव में रीना वर्मा को 3 माह का सद्भावना वीजा जारी किया है। भारत-पाक विभाजन के दौरान वह मात्र 15 वर्ष की थीं। जब उनके परिवार को पाकिस्तान से भागकर भारत आना पड़ा था। उन्होंने वर्ष 1965 में भी पाकिस्तानी वीजा के लिए आवेदन किया था, लेकिन उस दौरान भी दनों मुल्कों के बीच काफी तनावपूर्ण हालात थे, लिहाजा उनका वीजा कैंसिल कर दिया गया था। पिछले वर्ष उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने पैतृक घर जाने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद पाकिस्तान के रहने वाले नागरिक सज्जाद हैदर ने सोशल मीडिया पर संपर्क किया और रावलपिंडी में उनके घर की तस्वीरें शेयर की।
Pakistan News:हिना रब्बानी ने की मदद
हालही में रीना वर्मा ने एक बार दोबारा पाकिस्तानी वीजा के लिए आवेदन किया था। जिसे अस्वीकार कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार को
ट्विटर पर टैग करते हुए उनसे पाकिस्तान जाने की ख्वाहिश जताई और वीजा स्वीकारने का अनुरोध किया। इसके बाद ही हिना रब्बानी ने उनके लिए वीजा की व्यवस्था कर दी।
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