Joe Biden: सऊदी अरब की अगुआई वाले ओपेक+ देशों की तरफ से तेल उत्पादन में कटौती की घोषणा के बाद सऊदी और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिका का कहना है कि रूस को फायदा पहुंचाने के लिए ओपेक यह कदम उठा रहा है। दरअसल, ओपेक देशों ने ऐलान किया था कि तेल के उत्पादन में हर दिन 20 लाख बैरल की कटौती की जाएगी। अब बताया जा रहा है कि जो बाइडेन बड़ा फैसला करने वाले हैं। इतना ही नहीं सऊदी को जवाब देने के लिए वो अपना स्ट्रेटजिक रिजर्व भी खोल सकते हैं।
सऊदी दे रहा है पुतिन का साथ: वाइट हाउस
वाइट हाउस के अनुसार, सऊदी अरब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का साथ दे रहा है। जब ओपेक प्लस प्रोडक्शन में कटौती करेगा तो तेजी से तेल की कीमतें बढ़ेंगी। वहीं एनर्जी इन्फॉर्मेशन ऐडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक 1.5 करोड़ बैरल तेल निकालने से अमेरिका की एक दिन की भी जरूरत नहीं पूरी होने वाली है। बात यह भी है कि अमेरिका मध्यावधि चुनाव की तैयारी कर रहा है। इसलिए बाइडन प्रशासन नहीं चाहता की तेल की बढ़ती कीमतों का असर जनता पर पड़े।

अमेरिका के पास 400 मिलियन बैरल तेल रिजर्व
बताया गया है कि तेल की कीमतों को कम रखने के लिए बाइडन सर्दी में अतिरिक्त रिलीज के लिए भी दरवाजा खोल सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका के पास रिजर्व में 400 मिलियन बैरल तेल है। दूसरी ओर गैस की कीमतों के कारण बाइडेन को अभी भी राजनीतिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एएए की रिपोर्ट के अनुसार, गैस औसतन 3.87 डॉलर प्रति गैलन है।
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