ईरान में सरकार के खिलाफ चल रहे व्यापक प्रदर्शनों ने गंभीर रूप ले लिया है। हालात को काबू में रखने के लिए प्रशासन ने देशभर में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाओं पर रोक लगा दी है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने शुरू हुए इस आंदोलन में अब तक कम से कम 62 लोगों की जान जा चुकी है। सरकारी मीडिया ने हिंसा भड़काने का आरोप अमेरिका और इज़रायल से जुड़े कथित आतंकवादी एजेंटों पर लगाया है।
खामेनेई का ट्रंप पर तीखा हमला
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें अहंकारी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप के हाथ ईरानी नागरिकों के खून से रंगे हैं। 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के दो बाजारों से शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन बढ़ती महंगाई और ईरानी मुद्रा रियाल की गिरती कीमत के खिलाफ थे, जो धीरे-धीरे देशव्यापी आंदोलन में बदल गए। धार्मिक शासन के खिलाफ बढ़ते असंतोष ने इन प्रदर्शनों को और हवा दी।
मृतकों के आंकड़ों पर सरकार की चुप्पी
शुरुआत में ईरान की सरकारी मीडिया ने हताहतों की संख्या पर कोई जानकारी नहीं दी थी, लेकिन शुक्रवार को पहली बार स्वीकार किया कि हिंसा में लोगों की मौत हुई है, हालांकि कोई आधिकारिक आंकड़ा साझा नहीं किया गया। आंदोलन शुरू होने के बाद से मृतकों की संख्या लगातार बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं।
कितनी गई जान, कितनी जगहों पर प्रदर्शन
अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) के मुताबिक, राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों में अब तक 65 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 9 जनवरी को ये आंदोलन 13वें दिन में प्रवेश कर गया। रिपोर्ट बताती है कि ईरान के 31 प्रांतों के 180 शहरों में 512 अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश पर इंटरनेट बंद करने का फैसला लिया गया।
हवाई सेवाओं पर भी असर
ईरान में बिगड़ती स्थिति का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ा है। दुबई एयरपोर्ट की वेबसाइट के अनुसार दुबई और ईरान के बीच कम से कम 17 फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं। वहीं, तुर्की एयरलाइंस ने भी ईरान के हवाई क्षेत्र से होकर गुजरने वाली कई उड़ानों को रद्द करने का निर्णय लिया है।
कुल मिलाकर, ईरान इस वक्त गहरे राजनीतिक और सामाजिक संकट के दौर से गुजर रहा है, जहां सड़कों पर गुस्सा है और आसमान में भी अस्थिरता साफ दिखाई दे रही है।









