योगी सरकार का बड़ा फैसला: लगातार सातवें साल भी नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें, करोड़ों उपभोक्ताओं को राहत

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उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रदेश में लगातार सातवें वर्ष बिजली की दरें स्थिर रहेंगी। सरकार के इस फैसले से घरेलू, कृषि, व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के करोड़ों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।

प्रदेश सरकार का कहना है कि पिछले सात वर्षों के दौरान बिजली की दरों में एक पैसे की भी वृद्धि नहीं की गई है। ऐसे समय में जब विभिन्न क्षेत्रों में लागत बढ़ी है, बिजली दरों को स्थिर रखना उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।

बिजली आपूर्ति व्यवस्था में भी हुआ उल्लेखनीय सुधार

सरकार ने केवल बिजली दरों को स्थिर रखने तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि बिजली वितरण और आपूर्ति व्यवस्था को भी लगातार मजबूत किया है। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक शहर, गांव और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण 24×7 बिजली पहुंचाना है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली आपूर्ति

इस वर्ष भीषण गर्मी के दौरान उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति का नया रिकॉर्ड बनाया। राज्य में अधिकतम 32,673 मेगावाट बिजली की आपूर्ति दर्ज की गई, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है। इससे बढ़ती मांग के बावजूद बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सरकार की क्षमता भी सामने आई।

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2026-27 में भी बिजली की वही दरें लागू रहेंगी जो पिछले सात वर्षों से प्रभावी हैं। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

सरकार का मानना है कि स्थिर बिजली दरों और बेहतर आपूर्ति व्यवस्था से आम जनता को आर्थिक राहत मिलने के साथ उद्योग, व्यापार और कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। यह फैसला प्रदेश में बेहतर आधारभूत सुविधाओं और उपभोक्ता हितों के प्रति सरकार की प्राथमिकता को भी दर्शाता है।