नेशनल सिक्योरिटी से फूड सिक्योरिटी तक अटल भारत-इजरायल दोस्ती, कृषि और ब्लू इकोनॉमी में बड़ा समझौता

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नेशनल सिक्योरिटी से फूड सिक्योरिटी तक अटल भारत-इजरायल दोस्ती, कृषि और ब्लू इकोनॉमी में बड़ा समझौता
नेशनल सिक्योरिटी से फूड सिक्योरिटी तक अटल भारत-इजरायल दोस्ती, कृषि और ब्लू इकोनॉमी में बड़ा समझौता

भारत और इजरायल के रिश्ते अब सिर्फ रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि खाद्य सुरक्षा, कृषि और ब्लू इकोनॉमी जैसे अहम क्षेत्रों में भी और मजबूत होंगे। दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति पर काम करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र के तकनीकी और आधुनिक विकास को अपनी प्राथमिकता बना रहे हैं। इजरायल के कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिचर ने कहा है कि भारत और इजरायल “सतत खाद्य सुरक्षा को लेकर एक साझा और स्पष्ट दृष्टि” रखते हैं और अब भूमि आधारित खेती के साथ-साथ जल कृषि में भी सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

भारत-इजरायल के बीच सहयोग को नई रफ्तार

एवी डिचर ने बुधवार को भारत और इजरायल के बीच कृषि, मत्स्य पालन और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए हस्ताक्षरित लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) को दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते के जरिए व्यावसायिक संबंधों के विस्तार की मजबूत नींव रखी गई है। डिचर के मुताबिक, भूमि आधारित कृषि के साथ-साथ जल कृषि में भी भारत और इजरायल की साझेदारी लगातार आगे बढ़ रही है और दोनों देश सतत खाद्य सुरक्षा के लक्ष्य पर पूरी तरह एकमत हैं।

इजरायल के कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्रालय ने भी डिचर के हवाले से कहा कि यह नया LoI पिछले साल अप्रैल में हुए समझौते की निरंतरता है और इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग को और गहरा करना है। इससे कृषि क्षेत्र में तकनीक, नवाचार और उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।

मत्स्य पालन और ब्लू इकोनॉमी पर फोकस

यह लेटर ऑफ इंटेंट भारत के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह और एवी डिचर के बीच इजरायल के दक्षिणी तटीय शहर ईलात में हस्ताक्षरित किया गया। यह समझौता तीन दिवसीय ‘सेकंड ग्लोबल समिट ऑन ब्लू फूड सिक्योरिटी: सी द फ्यूचर 2026’ के अवसर पर किया गया। ब्लू फूड्स से आशय उन खाद्य उत्पादों से है, जो समुद्री और मीठे पानी के वातावरण में पाए जाने वाले जलीय जीवों, पौधों या शैवाल से प्राप्त होते हैं।

बयान के अनुसार, यह समझौता भारत और इजरायल के बीच व्यावसायिक सहयोग को नई दिशा देगा और दोनों देशों में अनुसंधान, तकनीक और आर्थिक साझेदारी को मजबूती प्रदान करेगा। इसका मकसद नवाचार, स्थिरता और खाद्य सुरक्षा को और मजबूत करना है।

जल संसाधनों के स्मार्ट उपयोग पर जोर

सूत्रों के अनुसार, इस साझेदारी के केंद्र में इजरायल की उन्नत तकनीकें भी शामिल हैं। खास तौर पर जल संसाधनों के स्मार्ट प्रबंधन के लिए इजरायल की जल-बचत तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही जल कृषि और मत्स्य पालन के क्षेत्रों में भारत और इजरायल के स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

इन पहलों का उद्देश्य नवाचार को प्रोत्साहित करना, ब्लू इकोनॉमी को मजबूत बनाना और जल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इजरायल की अग्रणी भूमिका को और सशक्त करना है। समिट के दौरान राजीव रंजन सिंह ने खाद्य सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी पर आयोजित वैश्विक मंत्रिस्तरीय पैनल चर्चा में भी हिस्सा लिया, जहां उन्होंने भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण प्रगति और उपलब्धियों को सामने रखा।

कुल मिलाकर, भारत और इजरायल की यह बढ़ती साझेदारी न सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में भी दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी कर रही है।