मोहर्रम पर सख्त संदेश, नीट अभ्यर्थियों को राहत: सीएम योगी ने दिए कानून-व्यवस्था और परीक्षा प्रबंधन के निर्देश

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उत्तर प्रदेश में आगामी मोहर्रम, नीट परीक्षा और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मोहर्रम मातम और श्रद्धा का अवसर है, इसे शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कानून-व्यवस्था से समझौता न करने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि वे स्थानीय स्तर पर धर्मगुरुओं और आयोजकों के साथ संवाद स्थापित कर शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मोहर्रम जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही कानफोड़ू डीजे, अनियंत्रित ढोल-ताशों और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी नई परंपरा की शुरुआत की अनुमति नहीं होगी और सभी आयोजन पूर्व निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुरूप ही संचालित किए जाएं। सुरक्षा की दृष्टि से ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि 10 से 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों को अनुमति न दी जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।

नीट अभ्यर्थियों को मिलेगी विशेष सुविधा

मुख्यमंत्री ने 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारियों की भी समीक्षा की। प्रदेश के 59 जिलों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।

परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर अभ्यर्थियों को किराये में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके अलावा जिन छात्रों को परीक्षा केंद्र वाले शहर में ठहरने की आवश्यकता होगी, उनके लिए अस्थायी आवासीय व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि एनटीए के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलाए जाने वाले भ्रम, अफवाह और भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी निगरानी रखने तथा तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

योग दिवस को जनभागीदारी का अभियान बनाने पर जोर

बैठक में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और इस वर्ष ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों और सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक योगाभ्यास को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही प्रधानमंत्री के योग कार्यक्रम के सीधा प्रसारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

योग दिवस को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, स्वयंसेवी संगठनों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी बल दिया गया।

जनशिकायतों के निस्तारण पर भी सख्ती

मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन, जनता दर्शन और आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन जिलों में शिकायत निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

इसके साथ ही जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के पद रिक्त हैं, वहां अगले तीन दिनों के भीतर नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फील्ड स्तर की नियुक्तियां केवल योग्यता और मेरिट के आधार पर ही की जानी चाहिए।

बैठक में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक और शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को त्योहारों, परीक्षाओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान संवेदनशीलता, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।