West Bengal News: जामताड़ा, साइबर अपराध कितने भी बड़े क्यों न हों, उसके तार झारखंड के इस जिले से हर बार जुड़ ही जाते हैं। इस विषय को लेकर एक वेब सीरीज भी बनी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर के लोगों के खातों से पैसे निकालना, धोखाधड़ी वाले कॉल और मैसेज भेजकर साइबर अपराध को अंजाम देना, यहां के युवाओं के लिए आम बात है। अब खबर आई है कि जामताड़ा के साइबर ठगों का ठिकाना बदल गया है। अब इनका नया अड्डा बना है बंगाल का आसनसोल। जामताड़ा के शातिर अपराधी अब आसनसोल से ही साइबर क्राइम को अंजाम तक पहुंचा रहे हैं। बंगाल के इस जिले से ठगी का पूरा इंतजाम किया जा रहा है। बता दें कि जामताड़ा के इन साइबर ठगों की वजह से अब तक कइयों का अकाउंट साफ हो चुका है।
कैसे देते हैं अपराधी साइबर क्राइम को अंजाम?
बता दें कि सबसे पहले ये अपराधी लोगों के फोन पर मैसेज भेजते हैं। मैसेज बिजली कनेक्शन और वर्क फ्राम होम या बैंक लोन का होता है। इन मैसेज के आड़ में बड़े पैमाने में फ्रॉड किया जाता है। चूंकि जब साइबर अपराध ज्यादा बढ़ा तो लोगों ने जागरुक हो कर पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने जामताड़ा के कई युवाओं को गिरफ्तार किया। जिसके बाद साइबर अपराधियों का एक गुट बंगाल के आसनसोल शिफ्ट हो गया है। अब यहीं से लोगों को मैसेज भेजकर चूना लगाया जा रहा है।

एक मीडिया चैनल से बात करते हुए इस पूरे फ्रॉड को डिकोड करने का काम साइबर क्रिमिनल ने किया है। उन्होंने कहा है कि चूंकि उनके कुछ साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, इसलिए उन्होंने यह काम छोड़ दिया था। इस बात पर भी जोर दिया गया कि लोगों को डर दिखाकर पैसा लूटा जाता है, किसी को लालच दिया जाता है तो किसी को डरा धमका कर।
आसनसोल के बेरोजगारों को दी है ट्रेनिंग
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आसनसोल के कई बेरोजगार युवकों को भी जामताड़ा गिरोहों ने साइबर क्राइम प्रशिक्षित किया है।स्मार्टफोन में समय-समय पर अलग-अलग सिम कार्ड लगा कर क्राइम करने की ट्रेनिंग। फ्रॉड सिम कार्ड बदल-बदलकर फोन करता और जाल में फंसाने की कोशिश करता है। लोगों का कहना है कि कुछ ही दिनों में आर्थिक रूप से लाचार आसनसोल के युवाओं की हालत ठीक होने लगी है। अब यहां के युवा मंहगी बाइक से सफर करते हैं।
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