Upendra Kushwaha: बिहार में “पोस्टर” की राजनीति एक नियमित क्रिया है। हर दल इसका उपयोग विरोधी दलों के नेताओं के साथ-साथ पार्टी के भीतर भी निशाना बनाने के लिए एक उपकरण की तरह से करते हैं। ताजा समाचार तब सामने आया जब जदयू एमएलसी संजय सिंह ने पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की तस्वीर को हटाते हुए शहर भर में पोस्टर लगा दिए।

वहीं, बिहार में महागठबंधन में चल रही खींचतान के बीच जदयू नेता और पार्टी के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की भाजपा नेताओं से मुलाकात हुई है। कुशवाहा से भाजपा नेताओं की मुलाकात के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि नीतीश का साथ छोड़कर कुशवाहा भाजपा के साथ आने की तैयारी कर रहे हैं।
इन पोस्टरों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, जल संसाधन मंत्री संजय झा, मंत्री लेसी सिंह और सुमित सिंह और प्रदेश के लगभग सभी शीर्ष नेताओं की तस्वीरें हैं।
बता दें कि राजद विधायक सुधाकर सिंह और शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव की आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कुशवाहा ने कई बयान दिए हैं। साथ ही उनकी इच्छा बिहार के उपमुख्यमंत्री बनने की भी है। वहीं, नीतीश कुमार ने साफ-साफ कहा कि अगले मंत्रिमंडल विस्तार में जदयू का कोई विधायक मंत्री नहीं बनेगा क्योंकि सीटें सीमित हैं और सिर्फ राजद और कांग्रेस के नेताओं को समायोजित किया जाएगा। इन्हीं बातों को देखते हुए सियासी मामलों के जानकारों का कहना है कि जल्द ही वो भाजपा के साथ आ सकते हैं।
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