UP Nagar Nikay Chunav: उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनावों के लिए नगर निगमों के मेयर, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्षों के लिए आरक्षित सीटों के लिए लिस्ट जारी की जा चुकी है। इस लिस्ट के आने के बाद से ही चुनाव लड़ने के लिए तैयार उम्मीदवारों ने आपत्ति जताई है। क्योंकि कई सीटों को लेकर समीकरणों में काफी बदलाव देखने को मिला है। बता दें कि सीटों की आपत्ति के बाद नई लिस्ट जारी होगी।

उत्तर प्रदेश में कुल 762 नगर निकायों में से 760 सीटों पर चुनाव होना है। इसके लिए राज्य सरकार ने गुरुवार यानी 30 मार्च 2023 को त्रिस्तरीय शहरी चुनावों के लिए नगर निगमों के मेयर, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्षों के लिए आरक्षित सीटों की अंतिम सूची जारी की है।
शहरी विकास मंत्री एके शर्मा ने मीडियो से बात करते हुए कहा कि आरक्षित सीटों के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। सात दिनों के भीतर आरक्षित सीटों की सूची पर आपत्तियां मांगी गई हैं। 17 नगर निगमों के मेयरों और नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्षों के लिए आरक्षित सीटों के लिए सूची जारी की गई है। सरकार ने मसौदे पर सात दिनों के भीतर छह अप्रैल तक आपत्तियां मांगी हैं।
निकाय चुनावों में आरक्षित सीटों को लेकर पिछली साल काफी बवाल हुआ था। जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। बता दें कि नगर निकाय चुनावों में 760 सीटों में से 205 सीट ओबीसी के लिए आरक्षित हैं।
UP Nagar Nikay Chunav: नई आरक्षित सूची लागू होने के बाद किसको हुआ लाभ
नई आरक्षण सूची आने के बाद एससी तथा एसटी और महिलाओं को आरक्षण में फायदा मिला है। एसटी के लिए अब दो सीटें आरक्षित की गई हैं और एससी के लिए इस बार 8 सीटों पर आरक्षण बढ़ाया गया है। एससी वर्ग के लिए अब नगर निकाय चुनावों में 102 सीटों के वजाय 110 सीटें आरक्षित की गई हैं। महिलाओं में आरक्षित सीटों की संख्या में इजाफा हुआ। जिसके बाद उनके लिए सीटों की संख्या 288 हो गई है। इसके अलावा नगर पंचायत अध्यक्ष तथा नगर पालिका अध्यक्ष के लिए भी महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों में बढ़ोत्तरी हुई है।

UP Nagar Nikay Chunav: जानें बदलते समीकरण
UP Nagar Nikay Chunav: नगर निगम चुनावों के लिए अब मेयर पद पर आरक्षित सीटों का समीकरण पूरी तरह बदल गया है। मेयर के लिए आरक्षित 17 सीटों में से 11 सीटों पर स्थित पहले से अलग हो गई है। इसके चलते अब मथुरा और अलीगढ़ मेयर सीट को सामान्य वर्ग के लिए अनारक्षित कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रयागराज सीट भी सामान्य वर्ग के लिए अनारक्षित है जो कि पहले ओबीसी के लिए आरक्षित थी। इसके अलावा सहारनपुर मेयर सीट ओबीसी के लिए आरक्षित हो गई है। मुरादाबाद सीट सामान्य वर्ग के लिए तथा फिरोजाबाद और शाहजहांपुर ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हो गई है। लखनऊ, कानपुर तथा गाजियाबाद मेयर सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई है।
UP Nagar Nikay Chunav: नगर निकाय चुनावों में सीटों का आरक्षण
UP Nagar Nikay Chunav: अधिसूचना के अनुसार आगरा की मेयर सीट अनुसूचित जाति (SC) (महिला), झांसी के लिए एससी, शाहजहाँपुर और फिरोजाबाद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) (महिला), सहारनपुर और मेरठ के लिए ओबीसी, और लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। नगर विकास मंत्री ने कहा है कि वाराणसी, प्रयागराज, अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, गोरखपुर, अयोध्या और मथुरा-वृंदावन की आठ मेयर सीटें अनारक्षित होंगी।
स्थानीय निकाय चुनाव कराने की अधिसूचना पिछले साल 5 दिसंबर को जारी की गई थी। लेकिन इस फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं थी। कोर्ट ने तब सरकार को आरक्षण के लिए एक क्षेत्र में पिछड़ेपन के मानदंड की पहचान करने के लिए एक आयोग के गठन करने का आदेश दिया। रिटायर्ड न्यायमूर्ति राम अवतार सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय आयोग का गठन 28 दिसंबर 2022 को किया गया था। इसने अपनी रिपोर्ट 9 मार्च को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को सौंपी थी और जिसके बाद कैबिनेट ने इसे स्वीकार कर लिया था।
संबंधित खबरें…
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump पर चलेगा अपराधिक मुकदमा, जानें क्या है पूरा मामला