GBC 5.0 से UP में निवेश का नया विस्फोट, ₹7 लाख करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट धरातल पर उतरने को तैयार; CM बोले- हर जिले तक पहुंचे निवेश…

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में योगी सरकार एक और बड़ा कदम बढ़ाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गुरुवार को ‘इन्वेस्ट यूपी’ अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC 5.0) की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव अब जमीन पर उतरने के लिए तैयार हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निवेश केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रदेश के हर जनपद तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

यूपी अब बदल रहा है औद्योगिक पहचान

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक औद्योगिक राज्य की छवि से आगे बढ़ चुका है। राज्य तेजी से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और हाई-टेक उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि निवेशकों को बेहतर वातावरण, तेज फैसले और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

GBC 5.0 में दिखेगा ‘नया यूपी’

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने GBC 5.0 आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। आयोजन स्थल पर बनने वाली प्रदर्शनी को 8 अलग-अलग थीम जोन में विभाजित किया जाएगा।

इन जोन में:

  • “Why UP” के जरिए बदले हुए उत्तर प्रदेश को प्रदर्शित किया जाएगा।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रांसफॉर्मेशन
  • डिफेंस एवं एयरोस्पेस
  • ईवी और ग्रीन एनर्जी
  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग
  • टेक्सटाइल
  • पर्यटन
  • फूड प्रोसेसिंग सेक्टर

जैसे क्षेत्रों में हुए बदलावों को विस्तार से दिखाया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य निवेशकों को यह संदेश देना है कि उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं, बल्कि आधुनिक औद्योगिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

डिफेंस कॉरिडोर बना निवेश का केंद्र

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि Uttar Pradesh Defence Industrial Corridor में जमीन की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सरकार को नए लैंड बैंक तैयार करने और उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना होगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं को वर्षों पहले जमीन आवंटित की गई थी लेकिन अब तक निवेश शुरू नहीं हुआ, उनकी समीक्षा की जाए।

सरकार का मानना है कि डिफेंस कॉरिडोर उत्तर प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने वाला सबसे बड़ा प्रोजेक्ट साबित हो सकता है।

एफडीआई पर सरकार का विशेष फोकस

योगी सरकार अब विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्लोबल निवेशकों को जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाएं।

बैठक में जानकारी दी गई कि:

  • जापान से लगभग 50 हजार करोड़ रुपये
  • सिंगापुर से 40 हजार करोड़ रुपये
  • जर्मनी और यूके से 5 हजार करोड़ रुपये
  • ताइवान से 3 हजार करोड़ रुपये
  • यूएई से 2,074 करोड़ रुपये
  • दक्षिण कोरिया से 1,600 करोड़ रुपये

के संभावित निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

सरकार अगस्त में सिंगापुर और जापान बिजनेस मिशन ट्रिप भी आयोजित करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने इन यात्राओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

डिफेंस और एयरोस्पेस कॉन्क्लेव 2026 की तैयारी

बैठक में “उत्तर प्रदेश रक्षा एवं एफडीआई कॉन्क्लेव 2026” की भी प्रस्तुति दी गई। प्रस्ताव है कि यह आयोजन लखनऊ में होगा, जहां रक्षा मंत्रालय, वैश्विक कंपनियां, MSMEs, स्टार्टअप्स और डिफेंस विशेषज्ञ एक मंच पर आएंगे।

इस कॉन्क्लेव में:

  • रक्षा निर्माण
  • एयरोस्पेस निवेश
  • रोजगार नीति 2024
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस
  • डिफेंस PSU की भूमिका

जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

सरकार का उद्देश्य केवल निवेश जुटाना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में दीर्घकालिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल सेक्टर में भी तेजी

इन्वेस्ट यूपी अधिकारियों ने विभिन्न सेक्टोरल डेस्क की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।

  • इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 8,050 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आवेदन मिले हैं।
  • ऑटोमोबाइल सेक्टर में 722 करोड़ रुपये,
  • जीसीसी डेस्क में 2,487 करोड़ रुपये,
  • स्टील और सीमेंट में 12,232 करोड़ रुपये,
  • टेक्सटाइल सेक्टर में 1,321 करोड़ रुपये,

के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

LEADS 2025 अवॉर्ड से बढ़ा मनोबल

बैठक के दौरान अधिकारियों ने लीड्स 2025 (LEADS 2025) रैंकिंग में मिले “Exemplar Award” को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को समर्पित किया।

अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए टीम को बधाई दी।

निवेशकों को ‘ब्रांड एंबेसडर’ बनाने की रणनीति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निवेशकों के साथ बेहतर व्यवहार और समय पर समस्याओं का समाधान उन्हें प्रदेश का “ब्रांड एंबेसडर” बना सकता है।

उन्होंने एमओयू साइन करने से पहले कंपनियों की गहन जांच और निवेश परियोजनाओं की नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया।

GBC 5.0 के जरिए योगी सरकार उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की तैयारी में है। डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और हाई-टेक सेक्टर पर फोकस यह संकेत देता है कि यूपी अब केवल आबादी वाला राज्य नहीं, बल्कि निवेश और उद्योग का नया पावरहाउस बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।