Target Killing: जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर टारगेट किलिंग का मामला सामने आया है। शोपियां में आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों पर हमला कर दिया। ग्रेनेड हमले में दोनों मजदूरों की मौत हो गई। मारे गए दोनों मजदूरों की पहचान उत्तर प्रदेश के कन्नौज के रहने वाले मनीष कुमार और रामसागर के तौर पर हुई है। इस घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव यूनिट (एसआईयू) की तरफ से इस समय पूरे पुलवामा में छापेमारी की जा रही है।

Target Killing: गंभीर रूप से घायल मजदूरों की मौत
आतंकियों ने शोपियां जिले के एक इलाके में जब ग्रेनेड फेंका, तब दोनों मजदूर टिन शेड में सो रहे थे। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कश्मीर जोन के एडीजीपी विजय कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाइब्रिड आतंकी इमरान बशीर गनी शोपियां में मौजूद था और उसने ही ग्रेनेड फेंका है। आतंकियों को शोपियां पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच कर छापेमारी चल रही है।
Target Killing: कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट्ट की हुई थी हत्या
बता दें कि 15 अक्टूबर को आतंकियों ने कश्मीरी पंडित को अपना निशाना बनाया था। शोपियां में शोपियां में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट्ट पर गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा समेत राजनीतिक दलों ने इस घटना की कड़ी निंदा की थी। वहीं, पुलिस के बयान के मुताबिक, पूरण कृष्ण भट्ट की हत्या की जिम्मेदारी आतंकी संगठन कश्मीर फ्रीडम फाइटर ने ली है।
Target Killing: उपराज्यपाल ने की कड़ी निंदा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ट्वीट कर कहा कि शोपियां में पूरन कृष्ण भट्ट पर आतंकियों का हमला कायराना हरकत है। पीड़ित परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि अपराधियों और आतंकियों को सहायता और उकसाने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Target Killing: घटना के विरोध में हुआ था प्रदर्शन
पूरन कृष्ण भट्ट की हत्या के विरोध में एक ओर जहां जम्मू में कश्मीरी पंडितों ने प्रदर्शन किया तो वहीं, दूसरी ओर रविवार को कश्मीर के शोपियां के घंटाघर में हजारों कर्मचारी और स्थानीय लोग इकट्ठे हुए, जहां उन्होंने मोमबत्तियां लेकर मार्च निकाला और शोपियां में पूरन कृष्ण की हत्या के खिलाफ नारेबाजी की। कश्मीरी पंडित की आतंकियों द्वारा बेरहमी से हत्या के विरोध में यह कैंडल मार्च निकाला गया।
यह भी पढ़ें:
- Target Killing: कश्मीर में हिंदुओं की टारगेट किलिंग का मामला पहुंचा SC, दायर की गयी याचिका
- शोपियां में कश्मीरी पंडित की हत्या, फिर टारगेट किलिंग से सहमी घाटी