Punjab Government: भगवंत मान की पंजाब सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने अपने विभागों में एडहॉक, ठेका आधारित, डेली वेज, वर्क चार्ज और अस्थायी तौर पर काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी करने का आदेश जारी किया है। बता दें, यह फैसला 23 फरवरी की कैबिनेट बैठक में लिया गया था। इसे लेकर अब विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है।
इसके अंतर्गत उन कर्मचारियों को पक्का करने की दिशा में काम किया जाएगा जिन्हें काम करते हुए 10 साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। ऐसे 21000 कर्मचारी इस योजना से लाभांवित होंगे। इन कच्चे कर्मचारियों की सेवाओं को भारतीय संविधान के सातवें अनुच्छेद की सूची-2 की एंट्री 41 के साथ अनुच्छेद 162 के आधार पर तय समयावधि के लिए पक्का करने का फैसला किया गया है।

सरकार के मुताबिक वह 14 हजार कर्मचारी पहले ही नियमित किए जा चुके हैं। वहीं, 8700 अस्थायी अध्यापकों के लिए अलग से कैडर बनाया गया है। जारी आदेश में कहा गया है, कि सरकार द्वारा विभागीय आवश्यकता के अनुसार ग्रुप-सी और ग्रुप-डी में अस्थायी आधार पर विभिन्न नियुक्तियां की गई थीं। इनमें से कई कर्मचारी 10 साल से भी ज्यादा समय से कार्यरत हैं।
ये वह कर्मचारी हैं जिन्होनें अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण वर्ष राज्य सरकार की सेवा में बिता दिए। इसके बाद भी नौकरी अस्थायी होने के कारण उनमें भविष्य को लेकर अनिश्चितता की भावना बनी हुई है, क्योंकि 10 साल की नौकरी के दौरान ओवरएज हो जाने के कारण वह नई नौकरी के लिए आवेदन करने के पात्र नहीं रहते। इन परिस्थितियों में ऐसे कर्मचारियों को हटाना या बदलना अन्याय से कम नहीं होगा। ऐसे में सरकार इनके हितों की रक्षा के लिए कार्य कर रही है।
नई योजना के तहत ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की सेवाओं में 10 साल से कार्यरत कर्मचारियों को 58 साल की उम्र तक नौकरी करने का मौका दिया जाएगा। पंजाब में स्थायी कर्मचारियों के लिए प्रभावी सर्विस रूल के अनुसार ही कच्चे कर्मचारी को शैक्षणिक योग्यता, पद व अनुभव समेत अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। सेवाकाल के दौरान उसका आचरण संतोषजनक होना चाहिए। सेवा अवधि की गणना करते समय प्रत्येक वर्ष में 240 दिन तक कार्य अवश्य किया होना चाहिए।

Punjab Government: पॉलिसी के अनुसार ये कर्मचारी होंगे नियमित
- लाभार्थी कर्मचारी 58 वर्ष की आयु तक विशेष कैडर में नियुक्त रहेंगे।
- ऐसे कर्मचारियों को कैडर पोस्ट के पद पर नहीं रखा जाएगा।
- ये कर्मचारी नियमित कैडर का हिस्सा नहीं होंगे और नियमित कर्मचारियों के सामान अन्य सुविधाएं पाने के हकदार भी नहीं होंगे।
- पार्ट टाइम आधार पर या आउटसोर्स आधार पर या इन्सेंटिव आधार पर रखे गए या अनुशासन व आचरण संबंधी आरोपों में घिरे कर्मचारी योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
- विशेष कैडर में कच्चे कर्मचारी को ‘नई नियुक्ति’ के रूप में शामिल किया जाएगा।
- विशेष कैडर में वरिष्ठता, अनुभव आदि जैसे अन्य लाभ नहीं मिलेंगे।
- कर्मचारी को पंजाब सरकार के वित्त विभाग द्वारा निर्धारित वेतन और भत्ते दिए जाएंगे।
यह भी पढ़ें :