नासिक के कथित ‘गॉडमैन’ अशोक खरात पर ED की बड़ी कार्रवाई, महाराष्ट्र में कई ठिकानों पर छापेमारी

0
0

By: सर्वजीत सोनी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मुंबई जोनल ऑफिस-II (MBZO-II) ने नासिक के कथित ‘गॉडमैन’ अशोक खरात और उसके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। यह कार्रवाई PMLA, 2002 की धारा 17 के तहत की जा रही है, जिसमें आज सुबह से कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन जारी है।

क्या हैं आरोप?

यह मामला ECIR/MBZO-II/19/2026 (दिनांक 06.04.2026) के तहत दर्ज किया गया है, जो सर्कारवाड़ा पुलिस स्टेशन, नासिक में दर्ज FIR नंबर 83/2026 (25.03.2026) पर आधारित है। FIR में अशोक खरात और अन्य आरोपियों पर जबरन वसूली, धार्मिक आस्था का दुरुपयोग, ड्रग्स के जरिए हमला और महिलाओं सहित कई पीड़ितों के शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

‘आशीर्वादित’ सामान बेचकर करोड़ों की वसूली का आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी सामान्य वस्तुओं को ‘आशीर्वादित’ बताकर बेचता था और दावा करता था कि इनसे बीमारियां ठीक हो सकती हैं। इस तरह लोगों से बड़ी रकम वसूली जाती थी।

फर्जी खातों और निवेश का नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अशोक खरात ने नासिक की दो सहकारी क्रेडिट सोसायटी में तीसरे पक्ष के नाम पर कई बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों में खुद को नॉमिनी बनाकर और अपना मोबाइल नंबर लिंक कर वह इन सभी खातों का संचालन नियंत्रित करता था।

ED के मुताबिक, इस अवैध कमाई को चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश पोफाले और उनके बेटों के जरिए विभिन्न जमीनों में निवेश किया गया।

आज की कार्रवाई के तहत ED ने नासिक में 5, पुणे में 3 और शिर्डी में 3 ठिकानों पर छापेमारी की है। इन स्थानों में आरोपी, उसके सहयोगियों और संबंधित संस्थानों के परिसर शामिल हैं। ED की जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।