Noida Labour Protest: नोएडा में वेतन वृद्धि और श्रमिक अधिकारों को लेकर जारी आंदोलन के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा हस्तक्षेप किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने श्रमिकों के हित में कई अहम निर्देश जारी करते हुए औद्योगिक इकाइयों को दोगुना ओवरटाइम भुगतान, समय पर वेतन और साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक कई दिनों से वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आज यानी सोमवार(13 अप्रैल) को यह आंदोलन उस समय हिंसक हो गया जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, पुलिस पर पथराव किया और कई सरकारी वाहन में आग लगा दी।
उग्र प्रदर्शन के बाद सरकार का हस्तक्षेप
प्रदर्शनकारियों ने नोएडा की कई प्रमुख सड़कों को जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ और औद्योगिक क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा। प्रशासन के अनुसार, कुछ सरकारी वाहनों और इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए।
CM योगी के प्रमुख निर्देश
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक अब औद्योगिक इकाइयों को:
- ओवरटाइम के लिए श्रमिकों को दोगुना भुगतान करना होगा
- कर्मचारियों की सैलरी और बोनस समय पर सीधे बैंक खाते में जमा करना होगा
- श्रमिकों को साप्ताहिक अवकाश देना अनिवार्य होगा
- सभी औद्योगिक इकाइयों को श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करना होगा
24 घंटे में संवाद स्थापित करने का आदेश
मुख्यमंत्री ने सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि वे अगले 24 घंटे के भीतर उद्योग संगठनों, फैक्ट्री प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक करें और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने भी औद्योगिक इकाइयों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी की जाएगी।
नई श्रम संहिताओं का हवाला
प्रशासन ने बताया कि राज्य में नई श्रम संहिताओं के तहत न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान, समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधान लागू किए जा रहे हैं। इसमें ईपीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
तनाव बरकरार, लेकिन समाधान की उम्मीद
हालांकि सरकार के फैसले के बाद श्रमिकों के एक वर्ग ने राहत की उम्मीद जताई है, लेकिन कई संगठनों का कहना है कि जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का सख्ती से पालन होना जरूरी है। फिलहाल नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।









