CBI: मणिपुर में महिलाओं से हुई बर्बरता और वायरल वीडियो की जांच अब सीबीआई करेगी। गृह मंत्रालय के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई है।इस मामले में मणिपुर पुलिस ने जो केस दर्ज किया था, सीबीआई ने उसे रिरजिस्टर्ड किया है। राज्य की तरफ से सीबीआई को बताया गया है कि इस मामले में अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसके साथ जिस मोबाइल से वीडियो शूट किया गया था, उसे भी बरामद कर लिया गया है। दूसरी तरफ इंफाल में मैतेई समुदाय की महिलाओं ने शनिवार को शक्ति प्रदर्शन किया।
यहां बड़ी संख्या में मैतेई महिलाएं इंफाल सड़कों पर निकलीं और शांति मार्च निकाला। महिलाओं ने शांति की अपील की।प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने शांति बनाए रखने की अपील की।कहा कि कुकी समुदाय के लिए प्रशासन अलग से कोई नियम ना बनाए. मणिपुर की अखंडता को कायम रखा जाए।NRC लागू करने के साथ ही विद्रोहियों के खिलाफ ऑपरेशन ना बंद करने की भी मांग उठाई।

CBI: बायोमेट्रिक डेटा जुटाने का आदेश
CBI:मणिपुर सरकार ने अवैध रूप से म्यांमार से आए अप्रावसियों का बायोमेट्रिक डेटा एकत्र करने का आदेश जारी किया है। गृह विभाग की तरफ से जारी विशेष आदेश में कहा गया है कि सभी एसपी सितंबर तक अवैध अप्रवासियों का बायोमेट्रिक डेटा कैप्चर करने का काम पूरा करें।
CBI:3 मई को पहली बार जातीय हिंसा भड़की
CBI: मालूम हो कि राज्य में 3 मई को पहली बार जातीय हिंसा भड़की थी। मणिपुर में बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग का विरोध किया जा रहा है।4 मई को ही कुकी समुदाय की दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराई गई थी।उनका यौन उत्पीड़न किया गया था।इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी हुइरेम हेरादास समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
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