Bulandshahr Violence: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई स्याना हिंसा मामले में गुरुवार को एडीजे कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 36 आरोपियों पर राजद्रोह के तहत केस चलाने का आदेश दिया है। बता दें कि 2018 में बुलंदशहर के चिंगरावटी चौकी के पास गौ-अवशेष मिलने पर हिंदूवादी संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी सुबोध सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं उग्र भीड़ ने आगजनी की घटना को भी अंजाम दिया था जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
Bulandshahr Violence: एसआईटी ने 44 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की थी चार्जशीट
बता दें कि घटना के बाद एसआईटी ने 44 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें योगेश नाम का बजरंग दल कार्यकर्ता को नामजद किया गया था। बाद में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वहीं पांच आरोपियों पर हत्या के तहत चार्जशीट दाखिल की गई। बाद में नामजद आरोपी योगेश जमानत पर बाहर आ गया था।

Bulandshahr Violence: शहीद इंसपेक्टर की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई थी गुहार
गौरतलब है कि आरोपी योगेश की जमानत के बाद शहीद थाना प्रभारी सुबोध सिंह की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई कि इस केस में एक तय समय में साक्ष्य के आधार पर आरोप तय किए जाए, वहीं शहीद इंस्पेक्टर की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि आरोपी योगेश को राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस गिरफ्तार नहीं करेगी।
इसके बाद सर्वोच्य न्यायालय ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लगाकर योगेश राज को एक सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया। आदेश मिलने के बाद योगेश राज सरेंडर किया और अभी जेल में बंद है। बता दें कि इस मामले में एडीजे 12th वनीता विमल ने अपने आदेश में कहा कि चिंग रावटी चौकी के सामने हुई हिंसक वारदात में कानून व्यवस्था में गड़बड़ी की गई और अराजकता फैलाई गई, साथ ही साथ हिंसा को प्रोतसाहित किया गया है।
ये भी पढ़ें:
- Lakhimpur Kheri Violence: Ashish Mishra की जमानत को Supreme Court में चुनौती
- Bengal Violence: Mamata Banerjee के पोल एजेंट को मिली अग्रिम जमानत, टीएमसी नेता सुपियन पर भाजपा समर्थक की हत्या का आरोप
- Lakhimpur Kheri Violence: इमरान प्रतापगढ़ी ने बीजेपी पर कसा तंज, कहा- गृह मंत्री जी, आप गृह राज्य मंत्री से इस्तीफा लीजियेगा या…