Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग को राज्य में दो सप्ताह के अंदर स्थानीय निकाय चुनाव कार्यक्रम की अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार इसके खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करेगी। अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ ही कराएगी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की जाएगी।

Supreme Court: SC ने कहा – ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया के बाद ही ओबीसी आरक्षण पर हो विचार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2010 में संविधान पीठ ने अपने फैसले में जिस ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया का जिक्र किया है।उसे जब तक पूरा नहीं कर लिया जाता, तब तक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए किसी आरक्षण का प्रावधान नहीं किया जा सकता।
अदालत के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा, कि शीर्ष अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। हमने अभी तक इसका विस्तार से अध्ययन नहीं किया है, लेकिन जल्द ही ओबीसी आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव कराने के लिए समीक्षा याचिका दायर करेंगे।हम फिर से सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करेंगे कि स्थानीय निकाय चुनाव ओबीसी आरक्षण के प्रावधान के साथ कराए जाएं।
Supreme Court: कांग्रेस ने बीजेपी को ठहराया जिम्मेदार
दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ओबीसी को आरक्षण से वंचित करने के लिए प्रदेश की बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की 15 महीने चली सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया था। बीजेपी सरकार ने गलत कानूनी राय देकर इस प्रस्ताव को महीनों तक टाल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत और शहरी निकाय के चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के नहीं कराए जाने चाहिए।
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