Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव सहित कार्यकारिणी ने मुकदमों की सुनवाई व्यवस्था में बदलाव का विरोध किया है। बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश से दाखिले के 48 घंटे में कोर्ट व्यवस्था पहले की तरह बहाल करने की मांग की है।
Allahabad High Court: नए बदलावों को लेकर हुई बैठक में बार एसोसिएशन ने रखी अपनी बात
कोर्ट के स्टडी रूम में आयोजित बैठक में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के.ओझा ने कहा कि कंप्यूटर सिस्टम की नई व्यवस्था से परेशानियां बढ़ी हैं। नई तकनीक के आने से हमें काफी समस्या हो रही है। मुकादमे की सुनवाई कब तक होगी इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता।

जो मुकदमे दाखिल हुए है उनकी सुनवाई दो-तीन महीनों में एक बार होती है। आर.के.ओझा ने कहा तकनीकी के नाम पर हम ठगे जा रहे हैं। केस निवारण की गति धीमी हुई है, वकील बदहाल व्यवस्था के शिकार हो रहे हैं। सिस्टम सुधरने की बजाय बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने माना कि कोरोना संक्रमण के कारण मुकदमों का अंबार लगा हुआ है। ऐसे में नए प्रयोग करने की बजाय पुरानी व्यवस्था को चालू रखा जाना चाहिए।
आर.के.ओझा ने कहा न्याय व्यवस्था सही न होने के कारण प्रजातंत्र खतरे में पड़ सकता है और कानून व्यवस्था खराब हो सकती है।

Allahabad High Court: बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कोर्ट की समस्या को किया उजागर
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के अध्यक्ष आर.के.ओझा ने कहा कि हाईकोर्ट में 20 हजार वकील हैं और 160 जजों के पद हैं, लेकिन कभी भी पूरी क्षमता से अदालत नहीं बैठ सकी। कम से कम 125 जज हमेशा रहने चाहिए। सिर्फ 93 जजों के उपस्थित होने से व्यवस्था में मनमाने बदलावों से नहीं निपटा जा सकता।
आर.के.ओझा ने कोर्ट के बैठने और उठने के समय को निर्धारित करने और उसके पालन करने की भी मांग रखी। कोर्ट में लिस्ट रिवाइज की परंपरा का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा वकील कैजुअल वर्कर नहीं है,उनकी सामाज के प्रति जिम्मेदारी है।

Allahabad High Court: 9 मई को होगी नए सिस्टम से हो रही दिक्कतों के लिए बैठक
वकीलों की नए सिस्टम को लेकर हो रही समस्याओं के लिए 9 मई को कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। बैठक में सभी जरूरी मुद्दों पर बात की जाएगी। इस मौके पर सभी बड़े अधिकारी मौजूद रहे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज मिश्र, उपाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ मिश्र, संयुक्त सचिव प्रशासन संजय सिंह सोमवंशी, कोषाध्यक्ष अरूण कुमार सिंह आदि तमाम पदाधिकारी मौजूद थे। सभी ने समस्या की गंभीरता को देखते हुए जल्द इसके निपटारे का फैसला किया है।
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