सत्ता को हथियाने की चाह में अमेरिका की सड़कों पर ट्रम्प प्रेमियों ने आग लगा दी। संयुक्त राष्ट्र में दंगे का माहौल है। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के कार्यकाल के अंतिम दिनों में यहां पर बड़ी हिंसा हुई है। जिसमें चार लोगों की मौत हो चुकी है। वाशिंगटन स्थित कैपिटल हिल में डोनाल्ड ट्रंम्प के समर्थकों ने जबरदस्त बवाल किया।
कैपिटल हिल में चल रही कार्यवाही से इतर जब ट्रंम्प समर्थकों ने अपना मार्च निकालना शुरू किया तो हंगामा होते देख सुरक्षा को बढ़ाया गया। लेकिन ये बवाल थमा नहीं और देखते ही देखते सभी समर्थक कैपिटल हिल में घुस गए। यहां तोड़फोड़ की, सीनेटरों को बाहर किया और कब्जा कर लिया
दंगाईयों को निकालने के लिए सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया।
लंबे संघर्ष के बाद सुरक्षाबलों ने इन्हें बाहर निकाला और कैपिटल हिल को सुरक्षित किया। वाशिंगटन की हिंसा में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

जब पूरे इलाके को खाली करवाया गया तो ट्रम्प समर्थकों के पास बंदूकों के अलावा अन्य खतरनाक चीजें भी मौजूद थीं। अमेरिका के वाशिंगटन में हिंसा के बाद पब्लिक इमरजेंसी लगा दी गई है। वाशिंगटन के मेयर के मुताबिक, इमरजेंसी को 15 दिन के लिए बढ़ाया गया है।
वॉशिंगटन में बवाल के दौरान, डॉनल्ड ट्रम्प शांत रहे। लेकिन कुछ वक्त बाद उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने समर्थकों से घर वापस जाने की अपील की। लेकिन इस वीडियो में भी वो चुनाव को लेकर फर्जी दावे करते नजर आए, जिसके बाद इस वीडियो को भी हटा दिया गया।

अमेरिका में हुई हिंसा को लेकर देश भर में आलोचना हो रही है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी इस विवाद की निंदा की है साथ ही उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने इस पूरे विवाद की निंदा की और कहा कि हिंसा से कभी किसी की जीत नहीं होती है।
ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन, कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो समेत अन्य कई राष्ट्रप्रमुखों ने इस हिंसा की निंदा की और अमेरिकी इतिहास के लिए काला दिन करार दिया।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अमेरिका के वाशिंगटन में हुई हिंसा पर चिंता जाहिर की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि लोकतंत्र में सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण ढंग से होना जरूरी है।
बता दें कि, कैपिटल हिल में इलेक्टोरल कॉलेज की प्रक्रिया चल रही थी जिसके तहत जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने पर मुहर की तैयारी थी। इसी दौरान हजारों की संख्या में ट्रम्प समर्थकों ने वॉशिंगटन में मार्च निकाला और कैपिटल हिल पर धावा बोल दिया। यहां डॉनल्ड ट्रम्प को सत्ता में बनाए रखने, दोबारा वोटों की गिनती करवाने की मांग की जा रही थी।