Jaisalmer के पास एक और MiG-21 विमान शुक्रवार को क्रैश हो गया। सूत्रों के मुताबिक जिस जगह फाइटर जेट गिरा है, वह पाक बॉर्डर के पास है। इस हादसे में पायलट की भी मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक यह एरिया Sudasari Desert National Park में है। यह एरिया मिलिट्री के कंट्रोल में है, इसलिए वहां किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है। विमान लगभग साढ़े आठ बजे क्रैश हुआ है। विमान अपनी नियमित उड़ान पर था। हादसे की जगह जैसलमेर से करीब 70 किमी दूर है। गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2021 में भी Barmer में एक मिग-21 विमान क्रैश हुआ था।

इस हादसे में विमान में मौजूद पायलट विंग कमांडर हर्षित सिन्हा शहीद हो गए। मिग-21 के दुर्घटनाग्रस्त होने का ये पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी ऐसे कई हादसे हो चुके हैं। बात अगर इस साल की करें तो पांचवीं बार मिग-21 दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। इंडियन एयर फोर्स में शामिल होने के बाद से मिग-21 अब तक 400 से ज्यादा बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है। मिग-21 के दुर्घटनाग्रस्त होने के साथ ही अब तक 200 से ज्यादा पायलट और 50 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
भारत MiG-21 का तीसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर
रूस और चीन के बाद भारत MiG-21 का तीसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर है। 1964 में इस विमान को पहले सुपरसोनिक फाइटर जेट के रूप में एयरफोर्स में शामिल किया गया था। शुरुआती जेट रूस में बने थे और फिर भारत ने इस विमान को असेम्बल करने का अधिकार और तकनीक भी हासिल कर ली थी।

तब से अब तक मिग-21 ने 1971 के भारत-पाक युद्ध, 1999 के कारगिल युद्ध समेत कई मौकों पर अहम भूमिका निभाई है। रूस ने तो 1985 में इस विमान का निर्माण बंद कर दिया लेकिन भारत इसके Upgraded Version का इस्तेमाल करता रहा है।
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