Mann Ki Baat: आज 95वीं बार PM मोदी की ‘मन की बात’, पढ़ें कार्यक्रम की 10 खास बातें…

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Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद आज अपने रेडियो प्रोग्राम के मन की बात के 95वें एपिसोड को संबोधित किया। PM हर महीने के आखिरी रविवार को इस कार्यक्रम संबोधित करते हैं। इस एपिसोड को ऑल इंडिया रेडियो (AIR), दूरदर्शन के अलावा नरेंद्र मोदी ऐप पर भी टेलिकास्‍ट किया जाता है।

Mann Ki Baat: 95वें एपिसोड की बड़ी बातें…

  • शतक की तरफ़ बढ़ रहा कार्यक्रम- पीएम मोदी ने 95वें एपिसोड को लेकर लोगों को बधाई दी। पीएम ने कहा कि हम बहुत तेजी से ‘मन की बात’ के शतक की तरफ़ बढ़ रहे हैं। पीएम ने कहा कि ये कार्यक्रम मेरे लिए 130 करोड़ देशवासियों से जुड़ने का एक और माध्यम है। हर एपिसोड से पहले, गांव-शहरों से आये ढ़ेर सारे पत्रों को पढ़ना, बच्चों से लेकर बुजुर्गों के audio message को सुनना, ये मेरे लिए एक आध्यात्मिक अनुभव की तरह होता है।
  • Drone के क्षेत्र में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है- हम Technology से जुड़े Innovations की बात कर रहें हैं, तो Drones को कैसे भूल सकते हैं? कुछ दिनों पहले हमने देखा कि कैसे हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में Drones के जरिए सेब Transport किये गए।
  • Musical instruments Export- आपको जानकर अच्छा लगेगा कि बीते 8 वर्षों में भारत से Musical instruments का Export साढ़े तीन गुना बढ़ गया है | Electrical Musical Instruments की बात करें तो इनका Export 60 गुना बढ़ा है।
  • हम भारतीय, हर चीज़ में संगीत तलाश ही लेते हैं– हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि हमारे देश में Music, Dance और Art की इतनी समृद्ध विरासत है। “वास्तव में, हमारी संस्कृति इसे Humanity से भी ऊपर Divinity तक ले जाती है।” “चाहे वह नदी की कलकल हो, बारिश की बूंदें हों, पक्षियों का कलरव हो या फिर हवा का गूंजता स्वर, हमारी सभ्यता में संगीत हर तरफ समाया हुआ है।” हम भारतीय, हर चीज़ में संगीत तलाश ही लेते हैं। यह संगीत न सिर्फ शरीर को सुकून देता है, बल्कि, मन को भी आनंदित करता है।
  • भारतीय संगीत ने दुनियाभर में अपनी छाप छोड़ी है– संगीत की हमारी विधाओं ने, न केवल हमारी संस्कृति को समृद्ध किया है, बल्कि दुनियाभर के संगीत पर अपनी अमिट छाप भी छोड़ी है। भारतीय संगीत की ख्याति विश्व के कोने-कोने में फ़ैल चुकी है। Fiji (Country in Oceania) में रामायण मंडली के नाम से आज भी 2 हजार से ज्यादा भजन कीर्तन मंडलियां है। भारत से हजारों मील दूर बसे South American देश Guyana से भारतीय संगीत की आवाज आई है।”हमारा देश दुनिया में सबसे प्राचीन परम्पराओं का घर है। इसलिए, ये हमारी जिम्मेदारी भी है कि, हम, अपनी परम्पराओं और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करें, उसका संवर्धन भी करें और हो सके उतना आगे भी बढ़ाएं।
  • Satellite की लॉन्चिंग भारत-भूटान के मजबूत सबंधों का प्रतिबिंब– पीए मोदी ने सैटेलाइट लॉन्च को लेकर कहा कि भारत space के sector में अपनी सफलता, अपने पड़ोसी देशों से भी साझा कर रहा है | कल ही भारत ने एक satellite launch की, जिसे भारत और भूटान ने मिलकर develop किया है।” ये satellite बहुत ही अच्छे resolution की तस्वीरें भेजेगी जिससे भूटान को अपने प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में मदद मिलेगी। इस satellite की launching, भारत-भूटान के मजबूत सबंधों का प्रतिबिंब है।
  • Sky is not the limit- ‘मन की बात’ में हमने Space, Tech, Innovation पर खूब बात की है, इसकी दो खास वजह है। Space को private sector के लिए खोले जाने के बाद, युवाओं के ये सपने भी साकार हो रहे हैं | Rocket बना रहे ये युवा मानो कह रहे हैं – Sky is not the limit. आप कल्पना कर सकते हैं कि जो बच्चे कभी चाँद-तारों को देखकर आसमान में आकृतियां बनाया करते थे, उन्हें अब भारत में ही रॉकेट बनाने का मौका मिल रहा है।
  • “हमने One Earth, One Family, One Future की जो theme दी है, उससे वसुधैव कुटुम्बकम के लिए हमारी प्रतिबद्धता जाहिर होती है।”
  • विक्रम-एस’ Rocket कई सारी खूबियों से लैस है– 18 नवंबर को पूरे देश ने Space Sector में एक नया इतिहास बनते देखा। इस दिन भारत ने अपने पहले ऐसे Rocket को अंतरिक्ष में भेजा, जिसे भारत के Private Sector ने Design और तैयार किया था। इस Rocket का नाम है – ‘विक्रम–एस ‘विक्रम-एस’ के Launch Mission को जो ‘प्रारम्भ’ नाम दिया गया है, वो बिल्कुल fit बैठता है। ये भारत में private space sector के लिए एक नए युग के उदय का प्रतीक है।”
  • “चाहे Peace हो या Unity, पर्यावरण को लेकर संवेदनशीलता की बात हो, या फिर Sustainable Development की, भारत के पास, इनसे जुड़ी चुनौतियों का समाधान है।”
  • G-20 “आपको ये भी याद रखना है कि G-20 में आने वाले लोग, भले ही अभी एक Delegate के रूप में आयें, लेकिन भविष्य के tourist भी हैं।”G-20 की अध्यक्षता, हमारे लिए एक बड़ी opportunity बनकर आई है। हमें इस मौके का पूरा उपयोग करते हुए Global Good, विश्व कल्याण पर focus करना है।”G-20 की World Population में दो-तिहाई, World Trade में तीन-चौथाई, और World GDP में 85% भागीदारी है। आप कल्पना कर सकते हैं – भारत अब से 3 दिन बाद यानी 1 दिसंबर से इतने बड़े समूह की, इतने सामर्थ्यवान समूह की, अध्यक्षता करने जा रहा है।” आने वाले दिनों में, देश के अलग-अलग हिस्सों में, G-20 से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे | इस दौरान, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को आपके राज्यों में आने का मौका मिलेगा।
  • शिक्षा के क्षेत्र में जलाया गया एक छोटा सा दीपक भी पूरे समाज को रोशन कर सकता है। कोई अगर विद्या का दान कर रहा है, तो वो समाज हित में सबसे बड़ा काम कर रहा है। इसी तरह, कोई पर्यावरण के लिए प्रयास कर रहा है, कोई पानी के लिए काम कर रहा है, कितने ही लोग शिक्षा, चिकित्सा और Science Technology से लेकर संस्कृति-परंपराओं तक, असाधारण काम कर रहे हैं। मैं इस दिशा में प्रयासरत सभी लोगों की हृदय से सराहना करता हूं।
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  • पिछेल एपिसोड में पीएम ने सौर्य उर्जा के साथ-साथ अंतरिक्ष क्षेत्रों को लेकर बात की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि, “भारत में पहले अंतरिक्ष क्षेत्र सरकारी व्यवस्थाओं के दायरे में ही सिमटा हुआ था । जब ये भारत के युवाओं के लिए, भारत केप्राइवेट सेक्टर के लिए खोल दिया गया तब से इसमें क्रांतिकारी परिवर्तन आने लगे हैं। पीएम ने स्पेस में लॉन्च हुई 36 सैटेलाइट्स के लिए बधाई दी थी। वहीं उसके पहले 93वें एपिसोड में PM नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया था कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जाएगा।

पेज अपडेट जारी है…

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