Lalu Yadav: ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद गृह मंत्रालय ने बुधवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को बैन कर दिया है। मालूम हो कि पिछले कई दिनों से पीएफआई के विभिन्न ठिकानों पर एनआईए और ईडी की छापेमारी जारी थी। इस दौरान सैकड़ों आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई। वहीं, अब पीएफआई पर बैन लगने के बाद बिहार के पूर्व सीएम और आरजेडी प्रमुख लालू यादव का बयान आया है। उन्होंने अपने बयान से केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संगठन (RSS) पर निशाना साधा है।

Lalu Yadav ने कहा-सबसे पहले आरएसएस को बैन करिए
बता दें कि देश भर में 5 साल के लिए पीएफआई को गृह मंत्रालय ने बैन कर दिया है। इस मामले में लालू प्रसाद यादव का बयान सुर्खियों में बना हुआ है। उन्होंने आरएसएस को पीएफआई से भी बदतर बताया है और इसे भी बैन करने की बात कही है। लालू ने कहा “PFI की तरह जितने भी नफरत और द्वेष फैलाने वाले संगठन हैं, सभी पर प्रतिबंध लगाना चाहिए जिसमें RSS भी शामिल है। सबसे पहले RSS को बैन करिए, ये उससे भी बदतर संगठन है।” लालू ने आगे कहा कि आरएसएस के लोग मुस्लिम संगठनों को निशाना बना रहे हैं और हर बात में हिंदु-मुस्लिम करते हैं।
वहीं, ट्वीट कर लालू ने कहा “आरएसएस पर दो बार पहले भी बैन लग चुका है। सनद रहे, सबसे पहले RSS पर प्रतिबंध लौह पुरुष सरदार पटेल ने लगाया था।”
निशाने पर थी बिहार में पीएम मोदी की रैली
बता दें कि पीएफआई के निशाने पर गत 12 जुलाई को बिहार में पीएम की रैली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तब बिहार विधानसभा के शताब्दी समारोह के समापन में शिरकत करने के लिए पटना गए हुए थे। पीएफआई के सदस्य शफीक पैठ ने एनआईए की पूछताछ में यह खुलासा किया था। उसने कहा था कि पीएम की रैली को निशाने पर रखा गया था। उसके लिए बाकायदा बैनर-पोस्टर भी तैयार कर लिए गए थे।
मालूम हो कि पीएम की रैली के बाद बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ से टेरर मॉड्यूल की बात सामने आई थी। इसके बाद धीरे-धीरे जांच इतनी तेज हो गई कि कई राज्यों में छापेमारी और पीएफआई के सदस्यों की गिरफ्तारी की गई। फुलवारी शरीफ से ही भारत को साल 2047 तक इस्लामिक राष्ट्र बनाने के ‘मिशन 2047’ का खुलासा हुआ था।
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