ISRO: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रॉकेट LVM3 एक निजी संचार फर्म वनवेब के 36 सैटेलाइट्स को लेकर श्रीहरिकोटा लॉन्च हो गया है। अगले साल की पहली छमाही में LVM3 द्वारा 36 वनवेब उपग्रहों का एक और सेट लॉन्च किया जाएगा। ये लॉन्च 23 अक्टूबर रात 12:07 बजे हुआ। दरअसल, वनवेब के साथ इसरो की डील हुई है। वह ऐसी दो लॉन्चिंग करेगा, यानी 23 अक्टूबर की लॉन्चिंग के बाद एक और लॉन्चिंग होनी है।

माना जा रहा है कि अगले साल जनवरी में वनवेब के लिए दूसरी लॉन्चिंग भी संभव है। इन सैटेलाइट्स को धरती के निचली कक्षा में तैनात किया जाएगा। ये ब्रॉडबैंड कम्यूनिकेशन सैटेलाइट्स हैं। जिनका नाम वनवेब लियो है। बता दें कि LVM3 रॉकेट की ये पहली व्यावसायिक उड़ान है।

ISRO: पांचवीं बार हुई लॉन्चिंग
गौरतलब है कि इससे पहले साल 2019 में इस रॉकेट से चंद्रयान-2, 2018 में GSAT-2,2017 में GSAT-1 और उससे पहले साल 2014 में क्रू मॉड्यूल एटमॉस्फियरिक री-एंट्री एक्सपेरीमेंट (CARE) लेकर गया था। ये सारे मिशन भारत सरकार से जुड़े हुए थे, लेकिन यह पहला मौका है जब कोई निजी कंपनी का सैटेलाइट इस रॉकेट में जा रहा है। अब तक इस रॉकेट से चार लॉन्चिंग की गई हैं। चारों सफल रही है। यह इसकी पांचवीं लॉन्चिंग है।

बता दें कि वनवेब ने इस लॉन्चिंग के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक का सौदा किया था और एक और GSLV को अगले साल जनवरी में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने की वनवेब की प्रतिबद्धता को भारती ग्लोबल का समर्थन प्राप्त है, जो इसकी सबसे बड़ी निवेशक है।
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