INS Vagir Submarine Indian Navy: प्रोजेक्ट-75 फ्रेंच स्कॉर्पियन डिजाइन और अत्याधुनिक तकनीक वाली पनडुब्बी ‘आईएनएस वागीर’ को आज भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। आईएनएस वागीर भारत के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में निर्मित कलवारी श्रेणी की पांचवीं पनडुब्बी है। यह पनडुब्बी भारतीय नौसेना में प्रवेश कर रही है।
मुंबई में स्वदेशी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (Mazagon Dock Shipbuilders) ने इस पनडुब्बी का निर्माण किया है। यह नौसेना के बेड़े में कलावरी श्रेणी की पांचवीं पनडुब्बी है। भारतीय नौसेना के ‘प्रोजेक्ट 75’ के तहत अब तक कलावरी श्रेणी की चार पनडुब्बियों को शामिल किया जा चुका है। आज (सोमवार) को आईएनएस वगीर नौसेना में शामिल किया गया और इस आयोजन के लिए नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार मुख्य अतिथि रहे।
नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि वागीर 24 महीने की अवधि में नौसेना में शामिल होने वाली तीसरी पनडुब्बी है। यह जटिल और जटिल प्लेटफार्मों के निर्माण के लिए हमारे शिपयार्ड की विशेषज्ञता का एक चमकदार प्रमाण भी है
INS Vagir Submarine Indian Navy: भारतीय नौसेना की ‘साइलेंट किलर शार्क’
भारतीय नौसेना को आज (23 जनवरी) आईएनएस वगीर अटैक सबमरीन मिली है। यह कलावरी क्लास के पहले बैच की छह पनडुब्बियों में से एक है। संरक्षण विशेषज्ञ इसे ‘साइलेंट किलर शार्क’ कहते हैं। यह पनडुब्बी दुश्मन को चकमा देकर हमला करने में सक्षम है। यह पनडुब्बी दुश्मन पर बिना सोचे समझे हमला करेगी।
आईएनएस वागीर पनडुब्बी की विशेषताएं
INS वागीर एक आधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक पनडुब्बी है जिसे भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। आईएनएस वगीर समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने में सक्षम है। इसे 350 मीटर की गहराई में तैनात किया जा सकता है। यह पनडुब्बी स्टील्थ तकनीक से लैस है। इसलिए दुश्मन आसानी से इसका पता नहीं लगा पाएगा। यह एंटी-शिप मिसाइलों से भी लैस है। यह पूरी तरह से स्वदेशी पनडुब्बी है। यह पनडुब्बी दुश्मन का पता लगाकर सटीक निशाना लगा सकती है।
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