देश की राजधानी Delhi में मंगलवार को भी हवा की क्वालिटी काफी खराब रही है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (Safar ) के अनुसार चरम ठंड के बीच राजधानी का AQI 316 है, जो कि बहुत खराब श्रेणी में आता है। वहीं नोएडा और गुरुग्राम में में AQI क्रमशः 293 और 225 दर्ज किया गया। बीते पिछले तीन दिनों से AQI खराब श्रेणी में बना हुआ है जबकि पहले यह बहुत खराब श्रेणी में था। कड़ाके की शीत लहर के बीच बीते सोमवार को दिल्ली का सबसे ठंडा दिन रहा।

Delhi के लोधीरोड में न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था तो वहीं आज भी Delhi में कड़ाके की ठंड है। दिल्ली आज घने कोहरे की जद में है, जिससे सुबह-सुबह यातायात भी काफी प्रभावित दिखाई दिया।
Delhi में ठंड का भीषण कहर जारी
बीते एक हफ्ते में उत्तर भारत के प्रमुख शहरों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी Delhi के साथ-साथ राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, यूपी, बिहार, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ दिनों तक भीषण शीतलहर चलने का अनुमान है। इसी मामले में संबंधित राज्य सरकारों के यहां मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट भी भेजा है।
देश के प्रमुख शहरों में हम Delhi के तापमान की बात करें चो यहां पारा शनिवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस था, वहीं रविवार को इसमें और गिरावट दर्ज की गई और यह 4.6 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा। सोमवार की सुबह ठंड के लिहाज से दिल्लीवालों के लिए कहर ढाने वाली साबित हुई। जब पारा न्यूनतम 3.2 डिग्री पर रिकॉर्ड किया गया।
इस मामले में मौसम विज्ञान विभाग ने हवा की गति की अनुकूल प्रवृत्ति जारी रहने का अनुमान जताया है। वहीं केंद्रीय वायु गुणवत्ता आयोग ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में 6वीं से ऊपर की कक्षाओं के छात्रों के लिए स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान तत्काल प्रभाव से फिर से खोलने की अनुमति दे दे दिया है। दिल्ली में पांचवीं तक के छात्रों के लिए स्कूल 27 दिसंबर से खोले जा सकते हैं।
Delhi में सोमवार को पारा 3.2 तक लुढ़का
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पूरे देश इस साल पड़नमे वाली भीषण ठंड के पीछे एक प्रमुख वजह है ‘ला नीना’ का प्रभाव। अमेरिकन जियोसाइंस इंस्टिट्यूट के मुताबिक अल नीनो और ला नीना शब्द का संदर्भ प्रशांत महासागर की समुद्री सतह के तापमान में समय-समय पर होने वाले बदलावों से है।

इसका प्रभाव दुनिया भर में मौसम पर पड़ता है। आसान भाषा में अल नीनो की वजह से तापमान गर्म होता है और ला नीना के कारण ठंडा। दोनों आमतौर पर 9 से 12 महीने तक रहते हैं, लेकिन असाधारण मामलों में कई वर्षों तक रह सकते हैं।
ला नीना की वजह से ही पूर्व में स्थित रूस के साइबेरिया और दक्षिण चीन की ठंडी हवाएं भारतीय उपमहाद्वीप की तरफ आती हैं। इन हवाओं का असर ऐसा होता है कि कई बार दक्षिण भारत के राज्यों में भी तापमान सामान्य से कुछ नीचे चला जाता है। सर्दी के मौसम में उत्तर में ला नीना की वजह भारत के उत्तरी क्षेत्र से लेकर अफगानिस्तान, ईरान और हिंदू-कुश की बर्फीली पहाड़ियों तक ला नीना भयंकर ठंड पैदा करती हैं।
आज सुबह Delhi के विभिन्न जगहों पर यह थी AQI की स्थिति-
- पूसा रोड, दिल्ली- 357 AQI बहुत खराब
- पंजाबी बाग-402 AQI बहुत खराब
- शादीपुर, दिल्ली- 333 AQI बहुत खराब
- दिल्ली मिल्क स्कीम कॉलोनी 312 AQI बहुत खराब
- अशोक विहार दिल्ली 407 AQI बहुत खराब
- एनएसआईटी द्वारका, 390 AQI बहुत खराब
- लोधी रोड, 324 AQI बहुत खराब
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