कल Muzaffarnagar के Government Inter College (GIC) मैदान में हुई किसान महापंचायत में हिस्सा लेने के लिए देश भर से हजारों किसान पहुंचे। महापंचायत का आयोजन तीन कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) द्वारा किया गया था। महापंचायत के दाैरान भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैट ने अल्लाहू अकबर’ और ‘हर हर महादेव’ का नारा लगाया। इस पर Bollywood Actor KRK ने Tweet किया कि आज सभी किसानो ने मुजफ्फरनगर की महापंचायत में अल्लाहु अकबर के नारे लगाकर योगी के मनसूबों पर पानी फेर दिया।
KRK ने बोला मैं किसान का बेटा हुं
कमाल राशिद खान (KRK) ने कल से महापंचायत, किसान आंदोलन और मोदी सरकार को लेकर एक के बाद एक Tweet कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं, इसलिए किसानों का समर्थन कर रहा हूं। KRK ने Tweet किया कि ” कई लोग पूछ रहे हैं कि मैं किसानों का समर्थन क्यों कर रहा हूं। कृपया जान ले कि मैं किसान का बेटा हूं। मैंने अपने घर से भागने से पहले 15 साल की उम्र तक खेती की है। मेरे पिता एक किसान थे, मेरे दादा एक किसान थे और मेरे परदादा भी एक किसान थे। #FarmersProtest ‘’
धर्म अलग – अलग है लेकिन हम सब एक है
Bollywood Actor ने कहा कि ” हम सभी किसान अलग – अलग धर्म के बावजूद एक हैं। अंग्रेजों की तरह हमें कोई बांटकर राज नहीं कर सकता। #KisanEktaZindabaad #KisanMahaPanchayat उन्होंने यह भी कहा कि ” भाजपा वाले कह रहे है, कि देश में भाजपा की हवा चल रही है। और प्रदूषण विभाग कहता है, देश की हवा जहरीली हो गई है! मुझे तो लगता है कि दोनो ही सही कह रहे हैं। ”
Twitter में पोल कर पूछा अब तक का सबसे नाकाम प्रधानमंत्री
कमाल राशिद खान ने Twitter में एक पोल में यह भी पूछा कि हिंदुस्तान का सबसे नाकाम प्रधानमंत्री आप किस को मानते हैं? इसमें उन्होंने भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तीन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और इन्दिरा गांधी के नाम का विकल्प दिया। सोमवार 5 बजे तक इस पोल में 53% लोग मोदी को, 34.3% मनमोहन सिंह को, इन्दिरा गांधी को 9.6% और अटल बिहारी को 3% लोग नकाम मानते है।
वरूण ने किसानों के नजरिए को समझनें के लिए कहा था
वरूण गांधी ने कल Twitter में किसानों की भीड़ वाला एक video share कर tweet किया था कि ‘’ मुजफ्फरनगर में आज लाखों किसान धरना प्रदर्शन में जुटे हैं। वे हमारे अपने ही खून हैं। हमें उनके साथ सम्मानजनक तरीके से फिर से बात शुरू करनी चाहिए। उनके दर्द, उनके नजरिए को समझें और जमीन से जुड़ने के लिए उनके साथ काम करने की जरूरत है। ”
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