लखनऊ में बीते दिन रविवार को अलकायदा से जुड़े दो आतंकी पकड़े गए। जिसके बाद वहां खलबली मच गई है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इनके इरादे बेहद खतरनाक थे। एडीजी ने कहा कि आतंकी मिनहाज अहमद और मसरुद्दीन 15 अगस्त से पहले लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई दर्जन शहरों को दहलाने की साजिश बनाई थी।

प्रशांत कुमार के साथ आइजी एटीएस डॉ. जीएस गोस्वामी का कहना था कि आतंकी मिनहाज और मसरुद्दीन ने लखनऊ में ही प्रेशर कुकर बम की खेप तैयार कर रहे थे। 15 अगस्त से पहले लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, मेरठ, बरेली व अयोध्या को दहलाने की बड़ी साजिश कर रहे थे। इन दोनों आतंकवादियों का कनेक्शन कानपुर से सामने आ रहा है। प्रशांत कुमार ने बताया कि दोनों आतंकी अंसार गजवातुल हिंद से जुड़े हैं। इनके टारगेट पर उत्तर प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक नगर थे। यह लोग मानव बम बनकर ब्लास्ट करने की साजिष रच रहे थे।

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि प्रदेश में लखनऊ के साथ कानपुर से इन आतंकवादियों का मदद किया जा रहा थ। पूछताछ में आतंकी मिनहाज और उसके साथी मसरुद्दीन ने 15 अगस्त से पहले लखनऊ और अन्य शहरों में धमाकों की योजना की बात को बताया। यही नहीं उनकी हिट लिस्ट पर भारतीय जनता पार्टी के कुछ बड़े नेता भी टारगेट पर मौजूद थे। यहां तक कि, भाजपा के स्थानीय सांसद को तीन दिन के अंदर ही उड़ाने का अहम योजना बनाया गया था। इस काम में उनके कब्जे से बरामद दो प्रेशर कुकर बमों का प्रयोग होना था।
इन दोनों पाकिस्तान से जुड़े हुए है,और इनका बॉस भी वही है। इन दोनो की देख रेख पेशावर से किया जा रहा था। पेशावर में इनका हैंडलर अल-जैदी मौजूद है। इनके मददगार लखनऊ व कानपुर के लोग भी हैं। यह दोनों धमाके के लिए विस्फोटक जमा कर रहे थे। लखनऊ में मिनहाज के घर से भारी विस्फोटक बरामद हुआ है। मसरुद्दीन को मडिय़ांव से गिरफ्तार किया गया है।
एटीएस ने बड़े मॉड्यूल का खुलासा किया है। इनके पास से दो प्रेशर कुकर बम के साथ एक अर्धनिर्मित टाइम बम, असलहे और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। आतंकी मिनहाज के घर से गाड़ी बरामद हुई है। घर के बाहर से UP32-FJ 7244 नंबर की गाड़ी मिली है। गाड़ी पर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का पास लगा है। गाड़ी मिनहाज के पिता सिराज से नाम से है।