NPS Scheme: नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस एक पेंशन-बिल्डिंग इंवेस्टमेंट प्रोग्राम है, जिसमें 18 से 70 वर्ष की आयु के व्यक्ति अपने रिटायरमेंट पीरियड के लिए सेविंग कर सकते हैं। यह योजना पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण यानी पीएफआरडीए द्वारा शासित है और ग्राहकों को बाजार आधारित रिटर्न प्रदान करती है। इस योजना को पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट की ओर से संचालित किया जाता है जो सीधे तौर पर सरकार से जुड़ी योजना है।
वहीं, इस योजना के तहत आप प्रतिदिन 400 रुपये बचाकर सेवानिवृत्ति पर 3 करोड़ रुपये और मासिक पेंशन 1 लाख रुपये प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें 80C के तहत छूट के साथ ही 80 CCD के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपये तक की (Income Tax) छूट भी मिलती है।

गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए लाभदायक
अक्सर यह देखा गया है कि वेतनभोगी व्यक्ति (ज्यादातर गैर-सरकारी कर्मचारी), जिन्हें अपने नियोक्ताओं से पेंशन नहीं मिलती है, अगर उनका सेवानिवृत्त जीवन 10-15 साल से आगे बढ़ जाता है, तो उन्हें वित्तीय कमी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि वे ज्यादातर अपनी मेहनत की कमाई को अपने रिटायरमेंट कॉर्पस की सुरक्षा के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में लगाते हैं।

NPS Scheme: कहां कर सकते हैं इन्वेस्टमेंट
इस योजना में आपकी पर्सनल सेविंग्स पेंशन फंड में तब्दील की जाती है। पीएफआरडीए की तरफ से सरकारी बांड, बिल, कॉरपोरेट डिबेंचर और शेयरों में निवेश किया जाता है इसके तहत आप जितना निवेश करते हैं, उस पर मिलने वाले रिटर्न पर ही आपको सालों साल बढ़ोतरी मिलती है। आपकी सेवानिवृत्ति के दौरान वित्तीय कमी से बचने के लिए, वित्तीय योजनाकार युवा पेशेवरों को इसमें निवेश की सलाह देते हैं। एनपीएस में निवेश करने से आपको जीवित रहने तक एक निश्चित मासिक पेंशन मिलेगी और सेवानिवृत्ति के समय एकमुश्त राशि भी मिलेगी।
NPS Scheme को इस तरह समझें
निर्देशों के मुताबिक, नेट एनपीएस मैच्योरिटी अमाउंट के कम से कम 40 फीसदी से एन्युटी खरीदना आवश्यक है। वहीं अगर कोई निवेशक इस लिमिट को बढ़ाना चाहता है तो बढ़ा भी सकता है। अगर कोई निवेशक इक्विटी डेब्ट एक्सपोजर को 60:40 के अनुपात में रखते हुए 30 सालों तक अपने एनपीएस खाते में हर महीने 12,000 रुपये का निवेश करता है और शुद्ध एनपीएस मैच्योरिटी इनकम से 40 फीसदी एन्युटी खरीदता है तो इसमें इन्वेस्ट पर 10 फीसदी रिटर्न मानते हुए उसे 1,64,11,142 रुपये लंप सम इनकम और 54,704 रुपये मासिक पेंशन मिलता है।

बढ़ती महंगाई के दौर में बेहतर निवेश चूंकि भारत में मुद्रास्फीति ऐतिहासिक रूप से उच्च बनी हुई है, सेवानिवृत्त लोगों को उनके सावधि जमा निवेश से मिलने वाली ब्याज आय हर गुजरते साल के साथ कम होती जा रही है। वे अपने खर्चों को पूरा करने के लिए मूलधन से वापस लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) एक ऐसा फासदेमंद साधन है जो हर महीने कम राशि का निवेश करके सेवानिवृत्ति के लिए एक बड़ा कोष जमा करने में मदद कर सकता है।

60% कर- मुक्त राशि निकालने की सुविधा
विशेषज्ञों के अनुसार, एक ग्राहक NPS से अपनी परिपक्वता राशि का अधिकतम 60 फीसदी कर-मुक्त एकमुश्त के रूप में निकाल सकता है और शेष राशि के साथ उसे जीवन बीमा कंपनी से एक वार्षिकी खरीदनी होगी। इसमें रिटायरमेंट की उम्र पर आपको खाते में जुटी रकम का कम से कम 40 फीसदी एन्युटी प्लान खरीदने में लगाना पड़ता है।
बताते चले कि एनपीएस खाताधारक को धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक और धारा 80 CCD के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपये तक की आयकर (Income Tax) छूट मिलती है। एनपीएस में प्रवेश की आयु को 18-65 वर्ष से संशोधित कर 18-70 वर्ष किया गया है।
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