होम लोन की आखिरी EMI चुकाना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं होता। हालांकि, यहीं आपकी जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। जब तक बैंक से अपने मूल कागजात वापस लेकर प्रॉपर्टी को कागजों में पूरी तरह ‘लोन-फ्री’ नहीं कराते, तब तक आप कानूनी तौर पर उसके पूर्ण स्वामी नहीं माने जाते। इसी वजह से लोन खत्म होने के बाद बैंक से कुछ अहम दस्तावेज लेना बेहद जरूरी होता है, ताकि भविष्य में किसी तरह की कानूनी परेशानी न हो।
होम लोन बंद होने के बाद बैंक से जरूर लें ये 5 जरूरी कागजात
- नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) या नो ड्यूज सर्टिफिकेट
यह सबसे अहम दस्तावेज होता है, जो यह साबित करता है कि आपने बैंक का पूरा बकाया चुका दिया है और अब बैंक का आपकी संपत्ति पर कोई दावा नहीं है। इसमें आपका नाम, प्रॉपर्टी का सही पता और लोन अकाउंट नंबर सही-सही दर्ज होना चाहिए, इसलिए इन जानकारियों को ध्यान से जांच लें।
- सभी मूल संपत्ति दस्तावेज (Original Title Deeds)
लोन लेते समय आपने घर से जुड़े सभी असली कागजात बैंक के पास जमा किए थे। लोन पूरा होने पर इन्हें वापस लेते वक्त हर दस्तावेज को ध्यान से देखें। इसमें सेल डीड, कन्वेंस डीड, अलॉटमेंट लेटर, बिल्डर-बायर एग्रीमेंट और पिछले मालिकों से जुड़े चेन डॉक्यूमेंट्स शामिल होते हैं।
- ग्रहणाधिकार हटने से जुड़ा प्रमाण (Removal of Lien)
अगर बैंक ने आपकी प्रॉपर्टी पर लियन दर्ज कराया था, तो लोन खत्म होने के बाद इसे हटवाना जरूरी है। इसके लिए बैंक से संबंधित पत्र लेकर स्थानीय रजिस्ट्रार ऑफिस में रिकॉर्ड अपडेट कराना होता है। लियन हटे बिना आप भविष्य में प्रॉपर्टी की बिक्री नहीं कर पाएंगे।
- इस्तेमाल न हुए पोस्ट-डेटेड चेक (Unused PDCs)
लोन लेते वक्त बैंक आमतौर पर सुरक्षा के तौर पर पोस्ट-डेटेड चेक लेता है। लोन बंद होने के बाद ये सभी अनयूज्ड चेक बैंक से वापस लें और सुरक्षा के लिहाज से इन्हें नष्ट कर दें।
- अपडेटेड एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (Encumbrance Certificate – EC)
यह दस्तावेज प्रॉपर्टी पर हुए सभी वित्तीय लेन-देन की जानकारी देता है। लोन बंद होने के बाद सब-रजिस्ट्रार ऑफिस से नया EC निकलवाएं, जिसमें साफ तौर पर लोन ‘Closed’ या ‘Discharged’ दिखना चाहिए।
CIBIL स्कोर भी जरूर जांचें
लोन बंद होने के करीब 30 से 45 दिन बाद अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर चेक करें। यह सुनिश्चित करें कि CIBIL रिपोर्ट में आपका होम लोन ‘Closed’ दिख रहा हो, न कि ‘Active’ या ‘Settled’। इससे भविष्य में किसी भी तरह की वित्तीय दिक्कत से बचा जा सकता है।









