Adani Group: अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट के बाद अब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अडानी समूह की तीन कंपनियों को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) के अल्पकालिक अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था अर्थात एएसएम (ASM) के अन्तर्गत रखने का फैसला किया है। इसके अन्तर्गत अडानी एंटरप्राइजेज के अतिरिक्त अडानी पोर्ट और अंबुजा सीमेंट को शामिल किया गया है। यह फैसला 3 फरवरी 2023 से लागू होगा। हाल ही में आई हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई है। अडानी ग्रुप को इसकी वजह से लगभग 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। जिसके बाद स्टॉक एक्सचेंज ने यह निर्णय लेना का फैसला किया।

Adani Group: एएसएम (ASM) क्या है?
एएसएम यानी एडिशनल सर्विलांस मेजर्स जो एक प्रकार की निगरानी होती है। इसका उद्देश्य निवेशकों के हित की रक्षा करना है। इसमें शेयरों को तब डाला जाता है, जब ज्यादा ट्रेडिंग होने से कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिले। SEBI को यदि यह लगता है कि स्टॉक के प्राइजों को मैन्यूप्लेट किया गया है, तो वह यह निर्णय लेती है। एएसएम लिस्ट को चार स्टेज के अंतर्गत विभाजित किया गया है। जानकारी के अनुसार इस लिस्ट में डाले गए शेयर के मार्जिन ट्रेडिंग को खत्म कर दिया जाता है।

Adani Group: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बीएसई का कहना है कि अडानी समूह की कंपनियों को कुछ समय के लिए एएसएम की निगरानी का हिस्से बनने के लिए शर्तों को पूरा किया है। इसे लेकर शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि यह कदम बाजार निगरानी के नियमों के आधार पर ही उठाया गया है तथा इसे कंपनी के विरुद्ध फैसले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
आपको बता दें कि अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिडनबर्ग ने अडानी ग्रुप पर गंभीर सवाल उठाए थे। जिसके बाद शेयर बाजार में अडानी ग्रुप के शेयरों में एकदम से गिरावट दर्ज की गई। हालांकि अडानी कंपनी ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट के दावों को झूठा आरोप बताते हुए कहा कि यह भारत और उसके विकास की गति पर सुनियोजित हमला है।
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