G7 Summit: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच जापान के हिरोशिमा में G7 शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों के बीच कुछ बातचीत भी हुई। ये मुलाकात कई मायनों में अहम है। बता दें, रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद से दोनों नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की बैठक है। इससे पहले दोनों एक दूसरे से फोन पर बातचीत करते रहे हैं।

G7 Summit: पीएम नरेंद्र मोदी के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर, सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल और अन्य भारतीय डेलिगेट्स भी साथ थे। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ भी उनका एक प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा। दोनों नेताओं की ये बातचीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वक्त रूस-यूक्रेन का युद्ध भयानक मोड़ ले चुका है और एक बार फिर कई इलाकों में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।
G7 Summit: युद्ध राजनीति का नहीं, मानवीयता का मुद्दा है, बोले PM MODI
इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘यूक्रेन में चल रहा यह युद्ध पूरे विश्व के लिए बहुत बड़ा मुद्दा है। पूरी दुनिया पर इसके अनेक प्रकार के प्रभाव भी पड़े हैं। मैं इसे राजनीति का मुद्दा नहीं मानता, मेरे लिए ये मानवता का मुद्दा है। इसके समाधान के लिए भारत और निजी रूप से मैं स्वयं, हमसे जो कुछ भी हो सकता है हम अवश्य करेंगे।’
रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या है भारत का पक्ष?
भारत इस मुद्दे पर अपने पारंपरिक पक्ष पर अडिग है, यानी कि न्यूट्रल। इसी कारण रूस और यूक्रेन, दोनों देश भारत को अपना दोस्त मानते हैं। वहीं अभी भी कई देश ऐसे हैं, जो ये मानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थता करवा सकते हैं।
यह भी पढ़ें :