सच है कि आधी आबादी की पूरी आजादी को लेकर दुनिया भर में काफी कुछ लिखा, कहा, समझा और समझाया जा रहा है परन्तु कथनी और करनी में तब भी कोई खास अन्तर क्यूं नहीं दिखता है? बेशक महिलाओं ने काफी तरक्की की है, हर क्षेत्र में वो आगे बढ़ गई हैं। अंतरिक्ष से लेकर पहाड़ और खेलों से लेकर प्रशासन व राजनीति में दबदबा भी बढ़ा है।
पर इस समय के लिए क्या यह काफी है? उससे भी बड़ा सवाल यह कि अपने दमखम पर तमाम क्षेत्रों में आगे बढ़ी महिलाओं को छोड़ दें तो आबादी के लिहाज से उसी अनुपात में यह आम या पुरुषों के बराबर क्यूं नहीं है? इसका जवाब आधी आबादी खुद APN को बता रही है।
आधी आबादी मतलब महिलाएं..वो महिलाएं जो आज भी खुद को साबित करने के लिए लड़ रही हैं। आधी आबादी अपने दिल की पूरी बात एपीएन को बता रही है। महिलाओँ ने योगी सरकार से लेकर जनसंख्या नियंत्रण कानून पर खुलकर अपनी बात रखी।
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