केंद्र सरकार द्वारा भारत के एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स और कंटेंट (Animation, Visual Effects, Gaming and Comics – AVGC) क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से गठित की गई टास्क फोर्स द्वारा मंगलवार को जारी की गई 88 पेज की अपनी रिपोर्ट में एनसीईआरटी को स्कूलों में एनिमेशन पर केंद्रित पाठ्यक्रम तैयार करने का सुझाव दिया है, इसके अलावा कॉलेजों को ग्राफिक डिजाइन और कला में स्नातक की डिग्री जैसे पाठ्यक्रम को शुरू करने को लेकर सिफारिश की गई है।
टास्क फोर्स ने भारत और वैश्विक बाजारों के लिए कंटेंट के निर्माण पर ध्यान देने के साथ “मेक इन इंडिया” (Make In India) पहल की तर्ज “क्रिएट इन इंडिया” (Create In India) अभियान शुरू करने का भी सुझाव दिया है। इसके अलावा, विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों को लॉन्च करने से लेकर स्कूल स्तर पर जरूरी कौशल विकसित करने के लिए कई सिफारिशें की गई हैं।
कौन-कौन थे AVGC टास्क फोर्स में शामिल?
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में गठित की गई इस समिति में MSDE, उच्च शिक्षा विभाग, MoE, MeITY और DPIIT के सचिव के अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना की राज्य सरकारों के सदस्यों के अलावा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) जैसे शिक्षा निकायों के प्रमुख और MESC, FICCI और CII जैसे उद्योग निकायों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। इस टास्क फोर्स का कार्य एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करना था। इस टास्क फोर्स को लेकर घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022 का बजट पेश करते हुए की थी।

क्या कहा गया है रिपोर्ट में?
मंत्रालय की वेबसाइट पर उपल्बध रिपोर्ट में कहा गया है कि एवीजीसी मीडिया (AVGC Media) एक महत्वपूर्ण विकास इंजन के रूप में विकसित हुआ है, इसके अलावा इसके मनोरंजन के क्षेत्र और भारतीय अर्थव्यवस्था में भी भविष्य में विकास की बड़ी संभावना है।
2019 में भारत का एवीसीजी सेक्टर का कुल बाजार आकार 2।3 बिलियन डॉलर (लगभग 18,000 करोड़ रुपए) था, जो दुनिया के कुल बाजार के आकार का लगभग 0।7 फीसदी था। एक अनुमान के अनुसार इस क्षेत्र को अगले चार सालों में लगभग 2।2 गुणा बढ़ने का अनुमान है।
2021 में वैश्विक एनीमेशन और विजुअल इफेक्ट्स के बाजार का आकार 168 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान लगाया गया था और 2020 और 2026 के बीच हर साल 10.94 फीसदी की ग्रोथ के साथ 2024 तक 290 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
रिपोर्ट में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए टास्क फोर्स ने बजट बनाने के साथ-साथ एक राष्ट्रीय मिशन की स्थापना को लेकर भी सिफारिश की है।
क्या हैं वो पांच सुझाव जिनपर काम करने की दी गई सलाह?
भारत में एवीजीसी के इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए, टास्क फोर्स ने पांच क्षेत्रों को लेकर सुझाव दिए हैं जिनपर काम करने की जरूरत है इनमें – ‘बाजार तक पहुंच और विकास’, ‘कौशल और परामर्श’, ‘शिक्षा’, ‘प्रौद्योगिकी आईपी तक पहुंच बढ़ाना’, ‘वित्तीय व्यवहार्यता बनाना’ और ‘ उच्च गुणवत्ता वाले कंटेंट का प्रचार करना।’
टास्क फोर्स ने ने प्रस्ताव दिया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भारत में एवीजीसी शिक्षा के लिए एक विस्तृत रूपरेखा को तैयार करना के लिए शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर काम करना चाहिए। रिपोर्ट में इस बात को लेकर भी प्रकाश डाला गया है कि देश में शिक्षा देने के तौर तरीकों, शिक्षण के मुख्य क्षेत्रों, नए विषयों, उभरते हुए क्षेत्रों के लिए परीक्षा के तरीके आदि को लेकर भी विचार करना चाहिए।
टास्क फोर्स ने कहा है कि एवीसीजी क्षेत्र में प्रवेश की सुविधा के लिए मीडिया एंड एंटरटेनमेंट क्रिएटिव एप्टीट्यूड टेस्ट (MECET) या इसी तरह की परीक्षाओं को लेकर भी सुझाव दिया। टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस परीक्षण के जरिये ‘मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में चल रहे कार्यक्रमों में दाखिला पाने वाले उम्मीदवार की रचनात्मकता योग्यता और तैयारी’ का भी पता चलेगा।
टास्क फोर्स ने इस क्षेत्र में ‘डिग्रियों के लिए समान नामकरण’ का भी सुझाव दिया। इसमें शामिल कुछ डिग्रियों के लिए जैसे अनुभवात्मक कलाओं में स्नातक / पीजी (गेमिंग, एक्सआर), ग्राफिक्स कला में स्नातक (कॉमिक्स और एनिमेशन डिजाइन), सिनेमैटिक आर्ट्स में स्नातक (कॉमिक्स / एनिमेशन / वीएफएक्स) आदि।
इस 88 पेज की रिपोर्ट में जो सबसे बड़ा सुझाव दिया गया है वो है इस क्षेत्र को देश के टीयर 2 और टीयर 3 शहरों में ले जाने की जरूरत को लेकर दिया गया है। टास्क फोर्स ने सुझाव दिया है कि एनसीईआरटी को स्कूल में बच्चों के लिए गेमिंग में एनीमेशन के माहौल को तैयार करने के लिए एक प्रासंगिक पाठ्यक्रम तैयार करना चाहिए। टास्क फोर्स ने रिपोर्ट मे लिखा है कि ‘स्कूलों को अपने परिसर में कंप्यूटर लैब के अलावा एक मीडिया और मनोरंजन स्टूडियो / प्रयोगशाला को स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिससे की छात्रों को इस उद्योग के बारे में बताया जा सके।’
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि KG से लेकर 5वीं कक्षा तक पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम में मूविंग इमेजेस को समझना, दृश्य भाषा की समझना, रंग सिद्धांत, आर्ट और डिजाइन का परिचय, प्रदर्शन कला का परिचय, संगीत को लेकर जागरूकता आदि को शामिल करने को लेकर विचार करने को कहा है।
आगे क्या होगा?
प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि अब मंत्रालय, अन्य संबंधित सरकारी विभागों और मंत्रालयों के साथ टास्क फोर्स को लेकर सिफारिशों का मूल्यांकन करेगा और राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर बनाई जाने वाली नीतियां भारत को AVGC का केंद्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
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