Upendra kushwaha: बिहार की राजनीति में उठापटक तेज हो गई है।पूर्व केंद्रीय मंत्री और जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को पार्टी के समस्त पदों से इस्तीफे की घोषणा की। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने जेडीयू से अलग ‘राष्ट्रीय लोकजनता दल’ के नाम से अलग पार्टी के गठन की घोषणा की।उन्होंने कहा कि जेडीयू को मजबूत बनाने के मकसद से हम जुड़े थे।
हम इसी विरासत को आगेले जाने चाहते थे, लेकिन अब सीएम के पास क्या है जो उसका हिस्सा मांगें।उनके हाथ में अब शून्य है।आखिर ऐसी स्थिति आई क्यों कि पुरानी विरासत को गिरवी रखने का काम किया।उन्होंने कहा कि अब सीएम स्वयं निर्णय नहीं लेते, बल्कि दूसरों के निर्णय सुनते हैं।कार्यकर्ताओं से खुद बात करते थे, काम देते थे, लेकिन अब ऐसा कुछ भी नहीं रहा।
उपेंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाते हुए कहा कि नीतिश कुमार अब उत्तराधिकारी पड़ोसी के घर में खोज रहे हैं।किसी की साजिश जेडीयू को समाप्त करने की है।ऐसे में हम इस विरासत को किसी सूरत में बंधक नहीं बनने देंगे।इसीलिए सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति के साथ प्रस्ताव पारित कर नई पार्टी के गठन पर जोर दिया।इसमें मुझे राष्ट्रीय
अध्यक्ष बनाने का फैसला लिया गया।
Upendra kushwaha: मेरी आदत जमीर बेचकर अमीर बनने की नहीं- कुशवाहा
Upendra kushwaha: मीडिया को संबोधित करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने साफ कहा कि मैंने कभी जमीर बेचकर अमीर बनने का काम न किया है और न ही करूंगा।उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि हमारा ध्येय हर वर्ग के लोगों को एक पंक्ति में लाना है। इसके लिए हमसब मिलकर काम करेंगे।
मालूम हो कि उपेंद्र कुशवाहा की जेडीयू से नाराजगी की खबरें पिछले काफी लंबे समय से चलती आ रही हैं।बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद कुशवाहा को कोई मंत्री पद हासिल नहीं हो सका। उन्हें उम्मीद थी कि कैबिनेट विस्तार में उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जाएगा, लेकिन यहां भी कुछ नहीं हुआ।खुद सीएम नीतीश कुमार ने कोई दूसरा डिप्टी सीएम नहीं होने की बात कही।
संबंधित खबरें
- UP Budget Session 2023: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का हंगामा
- संजय राउत के खिलाफ FIR दर्ज, Shiv Sena का नाम छीने जाने के बाद सीएम पर लगाए थे गंभीर आरोप