मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार कौशल विकास व्यवस्था को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और सुगम बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बुधवार को दो महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘कौशल सेतु’ और ‘कौशल सारथी’ का शुभारंभ किया।
‘कौशल सेतु’ से होगी ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया
कार्यक्रम में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने ‘कौशल सेतु’ पोर्टल का उद्घाटन किया। यह उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) का डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे ट्रेनिंग पार्टनर्स के पंजीकरण और एम्पैनलमेंट की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पेपरलेस बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
इस पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण संस्थान आवेदन, आवश्यक दस्तावेज अपलोड और अन्य औपचारिकताएं एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरी कर सकेंगे। इससे सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध बनेगी।
‘कौशल सारथी’ से युवाओं को मिलेगी आसान जानकारी
इसके बाद मंत्री ने ‘कौशल सारथी’ पोर्टल का भी शुभारंभ किया। यह प्लेटफॉर्म युवाओं को उनके जिले में संचालित प्रशिक्षण केंद्रों, उपलब्ध कोर्सों और अधिकृत ट्रेनिंग पार्टनर्स की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा।
डिजिटल मैप की सहायता से अभ्यर्थी प्रशिक्षण केंद्रों का स्थान, पता और संपर्क विवरण आसानी से देख सकेंगे। इससे युवाओं को अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त कौशल प्रशिक्षण केंद्र चुनने में सुविधा मिलेगी।
डिजिटल स्किल इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इन दोनों पोर्टलों के माध्यम से कौशल विकास मिशन की सेवाएं अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनेंगी। साथ ही युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण तक तेज और आसान पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें बेहतर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।









