आयुष्मान योजना में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: बिजनौर के 16 सूचीबद्ध अस्पतालों पर गिरी गाज, 6 का भुगतान रोका

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (साचीज) ने बिजनौर में बड़ा निरीक्षण अभियान चलाया। औचक जांच के दौरान 20 सूचीबद्ध अस्पतालों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 16 अस्पतालों में अनियमितताएं पाए जाने पर कार्रवाई की गई।

6 अस्पतालों पर निलंबन की कार्रवाई, भुगतान पर लगी रोक

साचीज की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अर्चना वर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में मरीजों के उपचार, दस्तावेजों, क्लेम प्रक्रिया, रिकॉर्ड और स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस (STG) के पालन की गहन जांच की गई।

जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने पर 6 अस्पतालों को निलंबन नोटिस जारी करते हुए उनका भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। वहीं 10 अन्य अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

फर्जी भर्ती और अनावश्यक ICU का मामला आया सामने

निरीक्षण के दौरान कई अस्पतालों में एक ही परिवार के मरीजों को बार-बार भर्ती दिखाने, बिना चिकित्सकीय आवश्यकता के ICU में भर्ती करने तथा उपचार संबंधी मानकों का पालन न करने जैसी अनियमितताएं सामने आईं।

साचीज ने स्पष्ट किया कि इन मामलों में विस्तृत जांच के बाद संबंधित अस्पतालों पर नियमों के अनुसार 10 गुना तक आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इसके अलावा ऑडिट एजेंसी को भी नोटिस जारी किया गया है, जबकि जिला कार्यक्रम समन्वयक से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

प्रदेशभर में जारी रहेगा औचक निरीक्षण अभियान

सीईओ अर्चना वर्मा ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से जुड़े सभी सूचीबद्ध अस्पतालों के लिए सरकारी दिशा-निर्देशों और गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य है। यदि किसी अस्पताल में लाभार्थियों के इलाज में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में सूचीबद्ध अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे, ताकि योजना का लाभ पात्र मरीजों तक पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंच सके।