“Prashant Kishor से नाराजगी नहीं…”, चुनावी रणनीतिकार से मुलाकात के बाद बोले सीएम Nitish Kumar

एकता स्थापित करने के उनके प्रयासों को 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधान मंत्री पद के लिए उनकी महत्वाकांक्षा के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि जदयू प्रमुख ने कहा है कि वह इस पद के लिए 'दावेदार' नहीं हैं।

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Prashant Kishor Meets Bihar CM Nitish Kumar
Prashant Kishor Meets Bihar CM Nitish Kumar

Bihar Politics: राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मंगलवार शाम पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि बैठक लगभग दो घंटे तक चली। इस कदम को 2024 के लोकसभा चुनाव के नजरिए से भी देखा जा रहा है जहां यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर एकजुट विपक्ष का नेतृत्व कर सकते हैं।

इस मुलाकात के बाद जब पत्रकारों ने नीतीश कुमार से पूछा कि प्रशांत किशोर से क्या बातचीत हुई। इसके जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि कोई खास बातचीत नहीं हुई। किसी से मिलने में क्या दिक्कत है। कोई कहेगा कि आपसे मिलना है, तो हम क्यों नहीं मिलेंगे। मेरा तो पहले से संबंध है। हालांकि, कोई खास बातचीत नहीं हुई है। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि बीच में आप उनसे नाराज थे। उन्होंने कहा कि कोई नाराजगी नहीं थी। साथ आने के सवाल पर नीतीश ने कहा कि आप उन्ही से पूछ लीजिए।

हालांकि, किशोर ने जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख पर कई बार तंज कसा है। उन्होंने हाल ही में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष को एकजुट करने के प्रयास का भी मज़ाक उड़ाया था।

Prashant Kishor
Prashant Kishor

Bihar Politics: नीतीश कुमार-प्रशांत किशोर विवाद

जदयू प्रमुख ने राष्ट्रीय राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान किशोर के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि उनके बयानों का कोई मतलब नहीं है और पूछा कि क्या उन्हें पता है कि 2005 से राज्य में क्या किया गया है। नीतीश कुमार के बयान पर पलटवार करते हुए चुनावी रणनीतिकार ने कहा कि विपक्ष को एकजुट करने के कुमार के प्रयास व्यर्थ जाएंगे क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए एक ‘विश्वसनीय चेहरे’ और ‘जन आंदोलन’ की आवश्यकता है।

Bihar Politics: संयुक्त विपक्ष के लिए नीतीश कुमार का प्रयास

बिहार के मुख्यमंत्री ने इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का दौरा किया और विपक्षी दलों के नेताओं- राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह और प्रमुख अखिलेश यादव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा महासचिव डी. राजा, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम से मुलाकात की। एकता स्थापित करने के उनके प्रयासों को 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए उनकी महत्वाकांक्षा के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि जदयू प्रमुख ने कहा है कि वह इस पद के लिए ‘दावेदार’ नहीं हैं।

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