Madhya Pradesh Panchayat Elections: मध्यप्रदेश के पंचायत चुनाव के मामले में Supreme Court ने कहा है कि इस मामले की सुनवाई महाराष्ट्र आरक्षण के केस के साथ 17 जनवरी को होगी। साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार से OBC आरक्षण को लेकर सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी किए जाने की बात भी कही।

वहीं इस मामले को लेकर कोर्ट में Solicitor General Tushar Mehta ने कहा कि OBC आरक्षण को लेकर बनाई गई एडवाइजरी तमाम राज्यों को भेज दी गई है।
OBC आरक्षण की कानूनी अड़चन दूर हो जाएगी
सोमवार को सुनवाई के दौरान केंद्र और राज्य सरकार ने कोर्ट से उसका OBC आरक्षण को निरस्त करने वाला आदेश वापस लेने का अनुरोध किया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में दोनों सरकारों ने कहा कि सामाजिक पिछड़ेपन के आकलन के लिए गठित आयोग 4 महीने में अपनी रिपोर्ट दे देगी। जिसके बाद OBC आरक्षण की कानूनी अड़चन दूर हो जाएगी।
Madhya Pradesh Panchayat Elections पर लगी रोक
बता दें Madhya Pradesh Panchayat Elections से जुड़े मामलों पर Supreme Court ने निर्देश दिया था, ”अगर संविधान के अनुरूप चुनाव हो रहे हैं तो कराएं अन्यथा चुनाव रद्द कर दें। राज्य निर्वाचन आयोग पर चुनाव कराने का फैसला छोड़ते हुए कोर्ट ने कहा था कि आयोग खुद निर्णय ले चुनाव कैसे कराए जाएं या नहीं कराए जाएं। वहीं कोर्ट ने ओबीसी सीटों पर राेक लगा दी थी।

जिसके बाद पहले तो राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कराने का फैसला लिया था लेकिन बाद में शिवराज सरकार द्वारा पंचायत चुनाव के अध्यादेश को निरस्त करने के बाद राज्य में चुनाव रद्द हो गए।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में विपक्ष सरकार को पंचायत चुनाव को लेकर लगातार आड़े हाथ ले रहा था। विधानसभा के सत्र के दौरान ओबीसी आरक्षण को लेकर चर्चा हुई थी। इस दौरान दोनों दलों के बीच खूब तकरार भी हुई थी।
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