Lalitpur Rape Case: यूपी के ललितपुर थाने में 13 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर तिलकधारी सरोज को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि सोमवार को ललितपुर चाइल्ड लाइन की टीम किशोरी और उसकी मां को लेकर पुलिस अधीक्षक के पास पहुंची। वहां, 13 साल की किशोरी ने अपनी आपबीती सुनाई। वहीं अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पीड़िता के परिजनों से मुलाकात करने ललितपुर पहुंचे हैं।

Lalitpur Rape Case: 29 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
बता दें कि इससे पहले एडीजी कानपुर जोन ने पाली थाने के सभी पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। जिसमें 6 एसआई, 6 हेड कॉन्सटेबल,10 आरक्षी, पांच महिला आरक्षी, एक ड्राइवर और एक फॉलोवर समेत 29 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
Lalitpur Rape Case: सपा का ट्वीट
वहीं समाजवादी पार्टी की ओर से ट्वीट करे कहा गया था कि योगी जी की पुलिस निरंकुश हो चुकी है, चंदौली में एक मासूम बेटी के साथ रेप और हत्या के आरोपों के बाद यूपी की योगी जी की पुलिस पर ललितपुर के पाली में पुलिसवालों पर बलात्कार का आरोप लगा है, वसूली,हत्या, अपहरण और फिरौती के बाद अब यूपी पुलिस रेप और गैंगरेप भी करने लगी है।

Lalitpur Rape Case: क्या है पूरा मामला?
पीड़िता के मुताबिक, 22 अप्रैल को कस्बा पाली के 4 लड़के चंदन, राजभान, हरिशंकर और महेन्द्र चौरसिया उसको बहला-फुसलाकर भोपाल लेकर चले गए। वहां उसको कुछ दिन स्टेशन के पास की गलियों में छुपाकर रखा और फिर उसके साथ लगातार तीन दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद 25 अप्रैल को वो पीड़ित किशोरी को थाने में ही छोड़कर भाग गए। इसके बाद थाने ने बच्ची को उसकी मौसी के पास छोड़ दिया। 27 अप्रैल को बच्ची को फिर से थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बुलाया गया और पूरे दिन इंतजार कराने के बाद शाम होते ही वहां के थानाध्यक्ष तिलकधारी सिंह लड़की को कमरे में ले गए और उसका रेप किया।
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