UP News: उत्तर प्रदेश सरकार जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) को देश के सबसे आधुनिक एयरपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के साथ-साथ उसकी कनेक्टिविटी को भी मजबूत करने में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट संचालन शुरू होने से पहले सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में प्रारंभिक चरण में 110 इलेक्ट्रिक बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी तेज कर दी गई है।
बुधवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की चौथी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में प्रस्तावित 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 15 जून से प्रस्तावित उड़ान संचालन से पहले यात्रियों के लिए सुगम, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होना चाहिए।
ग्रीन मोबिलिटी पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित करने पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में करीब 15.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। सरकार ने वर्ष 2030 तक राज्यभर में 10 हजार चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिनमें से लगभग 2500 स्टेशन पहले ही संचालित हो चुके हैं।
सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देकर न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि आधुनिक और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन की गति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 55 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। वहीं आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण कार्य को जून के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट भी स्वीकृत हो चुका है और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
निवेश परियोजनाओं में देरी नहीं होगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि निवेश से जुड़ी परियोजनाओं में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने और निवेशकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब परियोजना के लिए 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा मिल चुका है। वहीं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के लिए 200 हेक्टेयर में से 144 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध हो चुकी है।
डिफेंस कॉरिडोर और एग्री एक्सपोर्ट हब पर जोर
मुख्यमंत्री ने डिफेंस कॉरिडोर परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। बैठक में बताया गया कि अलीगढ़ डिफेंस नोड में 125 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव आगे बढ़ चुका है।
इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट के निकट प्रस्तावित एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट हब और उन्नाव में एक्वा ब्रिज परियोजना पर भी चर्चा हुई। सरकार कृषि और मत्स्य उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए आधुनिक प्रोसेसिंग और निर्यात सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
युवाओं और शहरी विकास पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और अर्बन चैलेंज फंड के तहत चल रही परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाए।
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष मॉनिटरिंग सेल बनाकर सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें।









