राजधानी लखनऊ स्थित हरबिलास बाल एवं महिला चिकित्सालय अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर स्वर्ण जयंती सप्ताह मना रहा है। इस विशेष अवसर पर अस्पताल प्रशासन की ओर से कई निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को बच्चों के लिए ऑटिज्म एवं हियरिंग स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें 40 से अधिक बच्चों की विशेषज्ञों द्वारा जांच की गई।
इस स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य बच्चों में ऑटिज्म, सुनने की क्षमता से जुड़ी समस्याओं और अन्य न्यूरो-डेवलपमेंटल चुनौतियों की शुरुआती अवस्था में पहचान कर समय रहते उपचार सुनिश्चित करना था।
‘अर्ली इंटरवेंशन’ से बेहतर भविष्य की उम्मीद
स्क्रीनिंग कैंप का संचालन द होप लर्निंग एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के प्रबंध निदेशक दिव्यांशु कुमार की देखरेख में किया गया। विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बताया कि यदि ऑटिज्म या श्रवण संबंधी समस्याओं की पहचान शुरुआती उम्र में हो जाए तो थेरेपी और उचित प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों के विकास में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
विशेषज्ञों ने समाज से अपील की कि न्यूरो-डाइवर्स बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जागरूकता बढ़ाना और समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है।
50 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं का भरोसेमंद केंद्र
अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी कमला शंकर मिश्रा ने बताया कि हरबिलास बाल एवं महिला चिकित्सालय की स्थापना 14 जुलाई 1976 को तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रभान गुप्त द्वारा की गई थी। आगामी 14 जुलाई को संस्थान अपनी सेवा के 50 वर्ष पूरे करेगा।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों में अस्पताल ने लाखों मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया है। सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर कोविड-19 महामारी के कठिन दौर तक अस्पताल ने लगातार अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नई सुपर स्पेशियलिटी क्लीनिक की तैयारी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हेरम्भ अग्निहोत्री ने बताया कि अस्पताल में मरीजों को और बेहतर सुविधाएं देने के लिए कई नई विशेष क्लीनिक शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
इनमें प्रमुख रूप से—
- ऑटिज्म क्लीनिक (चाइल्ड डेवलपमेंट मॉडल पर)
- एडवांस्ड हियरिंग स्क्रीनिंग क्लीनिक (ईएनटी विशेषज्ञों के साथ)
- एलर्जी एवं अस्थमा क्लीनिक
शामिल हैं। इन नई सुविधाओं के शुरू होने से बच्चों में विकास संबंधी समस्याओं की पहचान और उपचार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
बाल एवं महिला स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि नई क्लीनिकों और विशेषज्ञ सेवाओं के शुरू होने से न केवल राजधानी लखनऊ बल्कि आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों को भी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर अस्पताल का फोकस केवल बेहतर उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता, शुरुआती जांच और समग्र बाल विकास को बढ़ावा देना भी इसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।









