ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में आगामी 22 मार्च 2026 को पहले अंतरराष्ट्रीय बिहार-पूर्वांचल महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में दुनिया के 30 देशों में रह रहे प्रवासी पूर्वांचली हिस्सा लेंगे। साथ ही ऑस्ट्रेलिया और भारत के विभिन्न राज्यों से जुड़े विशिष्ट राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक व्यक्तित्वों की मौजूदगी भी रहेगी।
इस आयोजन के साथ ही एक वैश्विक मंच ‘पूरबी इंटरनेशनल’ की औपचारिक शुरुआत भी की जाएगी, जिसका उद्देश्य बिहार और पूर्वांचल के युवाओं को विकास, सेवा और नेतृत्व के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए हुआ ऐलान
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की जानकारी पटना के ताज होटल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बिहार के मूल निवासी और सिडनी में रहने वाले व्यवसायी प्रवीण कुमार ने बताया कि यह महोत्सव बिहार और पूर्वांचल की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ देश स्तर पर चर्चित कवि संजीव मुकेश और क्रिकेट व्यवसाय से जुड़े निशांत दयाल भी मौजूद रहे।

‘पूरबी इंटरनेशनल’ की रखी जाएगी नींव
प्रवीण कुमार ने बताया कि ‘पूरबी इंटरनेशनल’ एक ऐसा वैश्विक मंच होगा, जो युवा विकास, शांतिपूर्ण राष्ट्रीय एकता और सेवा आधारित आर्थिक मॉडल के निर्माण के लिए समर्पित रहेगा। इस मंच का औपचारिक शुभारंभ भी 22 मार्च 2026 को सिडनी में ही किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय और प्रवासी भारतीयों के मजबूत सहयोग से हमारा लक्ष्य बिहार और पूर्वांचल के युवाओं के लिए गरिमामय और अनुशासित मार्ग तैयार करना है, जिससे वे भारत के समावेशी, सतत और राष्ट्र-प्रथम विकास के अगले चरण का नेतृत्व कर सकें।”

राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप होगी पहल
‘पूरबी इंटरनेशनल’ की यह पहल Khelo India, Fit India, NCC, NSS और Ek Bharat Shreshtha Bharat जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अनुरूप होगी। इसका मुख्य फोकस खेल, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, टीमवर्क, आत्मसंयम और नैतिक नेतृत्व पर रहेगा। इस पहल का केंद्रीय विश्वास है कि बिहार और पूर्वांचल के युवाओं को भारत के भविष्य के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभानी चाहिए।

‘सेवा यात्रा’ बनेगी प्रमुख प्रतीकात्मक पहल
इस मंच की एक अहम और प्रतीकात्मक पहल ‘सेवा यात्रा’ होगी, जिसे हर वर्ष आयोजित किए जाने की योजना है। इसके तहत देशभर से चुने गए विभिन्न समुदायों के करीब 1,000 से 1,500 युवा प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।
सेवा यात्रा के दौरान रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, सामुदायिक सेवा, कौशल विकास कार्यशालाएं, शांति संवाद, सामुदायिक भोजन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
वैश्विक मंच पर बिहार-पूर्वांचल की पहचान
पहला अंतरराष्ट्रीय बिहार-पूर्वांचल महोत्सव न सिर्फ प्रवासी पूर्वांचलियों को एक मंच पर लाएगा, बल्कि यह आयोजन बिहार और पूर्वांचल की सांस्कृतिक, सामाजिक और युवा शक्ति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देने का भी काम करेगा।









